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सरिस्का में घूमने के बचे सिर्फ दो दिन

टाइगर रिजर्व सरिस्का में पर्यटकों को सफारी का आनन्द लेने के लिए सिर्फ दो बचे हैं। फिर बाघ देखना पर्यटकों को आसान नहीं होगा। जानिए क्या है सरिस्का में दो ही दिन सफारी का राज....

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अलवर

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Prem Pathak

Jun 28, 2023

सरिस्का में घूमने के बचे सिर्फ दो दिन

सरिस्का में घूमने के बचे सिर्फ दो दिन

अलवर. टाइगर रिजर्व सरिस्का में सफारी का किसी को आनन्द लेना है तो मात्र दो दिन बचे हैं। फिर मानसून के दौरान तीन महीने पर्यटक सभी रूटों पर सफारी का आनन्द नहीं ले सकेंगे। इस दौरान केवल एक ही पाण्डुपाल मंदिर रूट पर सफारी कर सकेंगे। एक रूट पर सफारी में बाघ की साइटिंग की संभावना कम रहती है।

मानसून सीजन में एक जुलाई से 30 सितम्बर तक टाइगर रिजर्व सरिस्का में पर्यटकों को एक ही रूट पर सफारी की अनुमति होगी, ज बकि दो अन्य रूटों पर पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

सरिस्का में हैं तीन सफारी रूट

सरिस्का में तीन सफारी रूट हैं, इनमें एक सदर गेट से कालाकुआं, धानका, उदयनाथ व सारूंडा रूट है। वहीं दूसरा सदर गेट से तारूंडा, लटठावाला कुआं, एसमोड, ब्रह्मनाथ, कालीघाटी व कांकवाड़ी रूट है। तीसरा रूट सदर गेट से भर्तृहरि तिबारा, करणाकाबास, आताग्वाल, कालीचौंतरी, उमरी, बेहड़ावाला, कालीघाटी व जलेबी चौक रूट शामिल है। सदर गेट के अलावा टहला गेट से भी पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है।

प्रजनन का होता है समय

मानसूनकाल के दौरान तीन महीने का समय वन्यजीवों का प्रजननकाल माना जाता है। इस दौरान मानवीय गतिविधि से वन्यजीवों का प्रजनन प्रभावित हो सकता है। वहीं बारिश के दौरान सफारी रूट के कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं, जिन पर जिप्सियां चलना मुश्किल होता है। इस कारण एक जुलाई से टाइगर रिजर्व को तीन महीने बंद रखने के निर्देश हैं।

अब बुधवार को सफारी पर पूरी तरह बैन

एक जुलाई के बाद हर सप्ताह बुधवार को टाइगर रिजर्व सरिस्का में सफारी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यानी बुधवार को सफारी का अवकाश रहेगा। इस दिन किसी भी पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

अलवर बफर में कर सकते हैं सफारी

मानसून के दौरान पर्यटक सरिस्का की अलवर बफर रेंज में सफारी कर सकते हैं। यहां दो सफारी रूट हैं, इनमें पहला बालाकिला रूट व दूसरा बारां लिवारी रूट। अलवर बफर में भी इस समय चार बाघ एवं 50 से ज्यादा पैंथर हैं।