
सरिस्का के हालातों पर डाले एक नजर, यही रहे हाल तो फिर गायब हो सकते है बाघ
जल्द दो नर बाघ नहीं भेजे तो गहरा सकता है संकट
अलवर. सरिस्का और पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2008 में साथ-साथ बाघों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन एक दशक बाद टाइगर के मामले में पन्ना 38 तक पहुंच गया, वहीं सरिस्का 15 पर ही अटक गया। इसमें भी बाघिन एसटी-5 साढ़े चार महीने से लापता चल रही है। इतना ही नहीं सरिस्का में जल्द ही दो नर बाघ नहीं भेजे गए तो यहां बाघों की वंश वृद्धि पर काले बादल मंडराने का खतरा है।
सरिस्का बाघ परियोजना में जल्द ही बाघों की वंश वृद्धि के उपाय नहीं किए गए तो वर्ष 2005 का इतिहास फिर से दुहराने की आशंका है। वैसे तो इन दिनों सरिस्का में 13 टाइगर व 2 शावक हैं, लेकिन वंश वृद्धि के लिए इन दिनों सरिस्का में बाघ-बाघिन के बीच संतुलन नहीं है। कारण है कि सरिस्का में इन दिनों 4 नर बाघ हैं और 9 बाघिन हैं। इनमें दो बाघ एसटी-4 व एसटी-6 अब उम्रदराज हो चुके हैं, यानि इनकी उम्र 13 साल को पार कर चुकी है। वहीं दो अन्य टाइगर एसटी-13-15 अभी छोटी उम्र के हैं, जो कि फिलहाल मैटिंग के काबिल नहीं है। बाघिन एसटी-5 गायब है।
टाइगर एसटी-11 की जगह भरना जरूरी
सरिस्का में एक मात्र बाघ एसटी-11 युवा था, जिसकी गत 19 मार्च को खेत में लगे फंदे में फंसने से मौत हो गई। इसी बाघ पर सरिस्का में टाइगर की वंश वृद्धि की उम्मीदें टिकी थी। बाघ एसटी-11 की हत्या के बाद सरिस्का में युवा बाघ नहीं बचा जो कि बाघों की वंश वृद्धि कर सके।
ज्यादातर बाघिन भी उम्रदराज की कगार पर
सरिस्का में ज्यादातर बाघिन भी उम्रदराज की कगार पर पहुंच चुकी है। सरिस्का में युवा बाघ का संकट है। ऐसे में मैटिंग योग्य बाघ की कमी सरिस्का को खल रही है। खास बात यह भी है कि सरिस्का में छोटी उम्र के दो बाघ जब तक पूर्ण युवा अवस्था में आएंगे तब तक बाघिन उम्रदराज हो चुकी होंगी। ऐसे में फिर बाघ-बाघिन को संकट गड़बड़ाना तय है। यही कारण है कि सरिस्का में जल्द ही दो युवा बाघों कीे शिफ्टिंग जरूरी हो गई है।
बाघ शिफ्टिंग को मंजूरी, सरकार की ढिलाई
सरिस्का में बाघ शिफ्टिंग को काफी समय पूर्व ही मंजूरी मिल चुकी है। राज्य के वन मंत्री खुद अलवर में सार्वजनिक तौर पर अलवर में एक बाघ या बाघ-बाघिन को जोड़ा रणथंभौर से जल्द शिफ्ट कराने की बात कह चुके हैं, फिर लंबे समय बाद भी सरिस्का में युवा बाघ नहीं आ सका है। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण सरकार का ध्यान फिलहाल मुंकदरा हिल्स में बाघ शिफ्ट कराने पर है और सरिस्का में मंडराते संकट से सरकार बेखबर है।
Published on:
10 Jul 2018 09:53 am
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