
सरिस्का पर कोरोना का साया, 50 लाख राजस्व का नुकसान उठाया
अलवर. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देश दुनिया की अर्थ व्यवस्था ही पटरी से नहीं उतरी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है। लॉक डाउन के चलते नेशनल पार्कों में पर्यटकों का प्रवेश बंद करने से करीब ढाई महीने में अकेले सरिस्का बाघ परियोजना को 50 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं सरिस्का पार्क से जुड़े सैंकड़ों परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट गहरा गया है।
लॉक डाउन में सरिस्का पार्क बंद रहने का भले ही वन्यजीवों को लाभ हुआ हो, लेकिन सरकार का खजाने पर गहरी चोट लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते गत 16 मार्च से सरिस्का बाघ परियोजना में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया। पर्यटकों के नहीं आने का सरिस्का के वन्यजीवों को लाभ मिला। वन्यजीव भीड़भाड़ से दूर रह स्वच्छंद वातावरण का आनंद लेते दिखे, लेकिन पर्यटकों से होने वाली मोटी आय से सरिस्का को हाथ धोना पड़ा है।
सरिस्का की 50 लाख की आय घटी
सरिस्का बाघ परियोजना में गत ढाई महीने से एक भी पर्यटक का प्रवेश नहीं हो पाया है। इस कारण पर्यटकों के प्रवेश शुल्क से मिलने वाला राजस्व सरिस्का प्रशासन को नहीं मिल पाया। अकेले अप्रेल व मई माह में सरिस्का को 50 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वर्ष 2019 में सरिस्का में अप्रेल में 2664 व मई में 1532 पर्यटकों ने प्रवेश लिया, यानि इन दो महीनों में सरिस्का में 4196 पर्यटकों ने प्रवेश लिया। इससे सरिस्का को अप्रेल माह में 8 लाख 38 हजार 498 रुपए का राजस्व मिला। वहीं मई माह में पर्यटकों के प्रवेश से 7 लाख 51 हजार 913 रुपए की आय हुई। वर्ष 2019 में इन दो महीनों में सरिस्का को 15 लाख 90 हजार 402 रुपए का नुकसान हुआ। वहीं वर्ष 2019 में मार्च की 18 से 21 तारीख के बीच 3 हजार 137 पर्यटकों ने प्रवेश लिया, इससे सरिस्का को 6 लाख 89 हजार 977 रुपए का राजस्व मिला। यानि इस साल कोरोना संक्रमण के चलते सरिस्का में पर्यटकों का प्रवेश बंद नहीं होता तो 26 लाख रुपए से ज्यादा का राजस्व मिल पाता।
टैक्सी चालक, नेचर गाइड व रेस्टोरेंट संचालकों को भी नुकसान
सरिस्का बाघ परियोजना से सैंकड़ों की संख्या में टैक्सी चालक, नेचर गाइड एवं आसपास के रेस्टोरेंट, होटल व अन्य छोटे-बड़े व्यवसायी जुड़े हैं। पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद होने से करीब ढाई महीने से सरिस्का से जुड़े इन लोगों की आय भी नगण्य रह गई है। पर्यटकों के नहीं आने से टैक्सी चालकों व नेचर गाइड का रोजगार छीन गया। वहीं पर्यटकों के आने से रेस्टोरेंट व होटल संचालकों को होने वाली आमदनी भी नगण्य रही। इसी तरह सरिस्का क्षेत्र में अन्य छोटे बड़े व्यवसायी की आमदनी पर भी बड़ा असर पड़ा है और सैंकड़ों परिवारों के समक्ष इन दिनों रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पर्यटकों का प्रवेश बंद रहने से राजस्व पर असर
कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार के आदेश अनुसार सरिस्का में पर्यटकों का प्रवेश बंद है। इससे सरिस्का को मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ा है।
सेढूराम यादव
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना अलवर
Published on:
01 Jun 2020 11:10 pm
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