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भूपेंद्र यादव बोले-सरिस्का के बाघ नहीं होंगे शिफ्ट, विशेषज्ञों की राय बाघों की शिफ्टिंग ही एकमात्र उपाय

सरिस्का में बाघों की संख्या 56 पहुंच गई है। जंगल कम पड़ रहा है, वहीं देश के 25 अभयारण्य ऐसे हैं, जहां बाघ या तो कम हैं या है ही नहीं। इसे देखते हुए विशेषज्ञों ने बाघों को अन्य टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है, हालांकि केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने फिलहाल बाघों को शिफ्ट कने से इनकार कर दिया है।
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अलवर

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Umesh Sharma

Jun 29, 2026

sariska

कार्यशाला में बोलते केंद्रीय वनमंत्री भूपेंद्र यादव

अलवर में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने साफ किया कि सरिस्का के बाघाें को अन्य बाघ अभयारण्यों में शिफ्ट करने का सरकार का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। यहां इको सेंसेटिव जोन का निर्धारण और सीमांकन करने के बाद इंट्रीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान बनाया जाएगा। साथ ही, टाइगर रिजर्व में आ रहे 24 गांवों को भी शिफ्ट किया जाएगा। इस पर काम जारी है। हालांकि कार्यशाला में हुए शामिल हुए अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना था कि मानव और बाघों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए जहां बाघों की संख्या ज्यादा हैं, वहां से उन्हें कम संख्या वाले अभयारण्याें में शिफ्ट करना ही एकमात्र उपाय है। इस दौरान भारत में बाघों के सक्रिय प्रबंधन के लिए रोडमैप, जिसमें आवास पुनर्स्थापन, शिकार आधार सुदृढ़ीकरण, गलियारों के संरक्षण तथा बाघ-विहीन परिदृश्यों की पुनर्बहाली के लिए वैज्ञानिक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इस दौरान भारत में बाघों के सक्रिय प्रबंधन का रोडमैप, भारत में बाघ पुनर्स्थापना एवं पुनर्बहाली पर पुस्तिका तथा प्रोजेक्ट चीता वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन किया तथा सरिस्का क्षेत्र की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए दो वाहन सौंपे।

बाघों की बढ़ती संख्या बढ़ा रही परेशान-यादव

बिग कैट अलायंस के डीजी एसपी यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता के बाद देश में बाघों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह बढ़ती संख्या ही इस प्रोजेक्ट के लिए परेशानी बन गई है। मानव और बाघों के बीच संघर्ष बढ़ा है। इसलिए बाघों को ट्रांसलोकेट करना जरूरी है। जहां पर्यटकों की संख्या कम है, वहां बाघों को बसाने की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरिस्का में प्रभावी मॉनिटरिंग की वजह से प्रोजेक्ट टाइगर सफल रहा। आज यही वजह है कि विश्व के कंबोडिया सहित कई देश हमसे मदद ले रहे हैं।

सरिस्का अब बाघों की शिफ्टिंग के लिए तैयार

वन मंत्रालय के महानिदेशक व विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी ने कहा कि बाघों के संरक्षण के लिए वहां के स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग बहुत जरूरी है। जहां भी ग्रामीणों का सहयोग मिला, बाघों की संख्या बढ़ी है। एनटीसीए के सदस्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि सरिस्का में 18 साल में बाघाें की संख्या 56 पहुंच गई है। सरिस्का अब बाघों की शिफ्टिंग के लिए तैयार है।

तकनीकी सत्र में ये राज्य रहे शामिल

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखण्ड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मिजोरम, कर्नाटक एवं तेलंगाना राज्यों द्वारा बाघ पुनर्स्थापन से संबंधित अनुभव, चुनौतियां एवं भावी रणनीतियां प्रस्तुत की गईं। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम पर विशेष प्रस्तुति दी गई तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा गौर एवं बारहसिंगा पुनर्स्थापन के माध्यम से शिकार आधार सुदृढ़ीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागियों द्वारा सरिस्का टाइगर रिजर्व का क्षेत्र भ्रमण किया गया।