
22 पुलिसकर्मियों के भरोसे 65 गांवों की सुरक्षा व्यवस्था
अलवर. जिले के रैणी उपखण्ड कार्यालय पर स्थित पुलिस थाने के 22 पुलिसकर्मियों के भरोसे 65गांवों की सुरक्षा व्यवस्था है। थाने में स्वीकृत नफरी से आधी संख्या में भरे हुए पदों से लोगों को न्याय में देरी हो रही है तो वहीं थाने में तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपनी ड्यूटी के तय कार्य से तीन गुना अधिक काम करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार रैणी थाना अलवर जिले के अन्तिम छोर पर स्थित है जो दौसा जिला सीमा से लगता है। रैणी थाने के अधीन सोलह ग्राम पंचायतों के लगभग पैंसठ गांव आते हैं जिनमें दो से ढाई लाख की आबादी निवास करती है। लम्बे पूरे क्षेत्रफल में फैला रैणी थाना क्षेत्र वर्तमान में सरकार की उदासीनता का दंश झेलता नजर आ रहा है। रैणी थाना में सरकार के स्तर से थानाधिकारी सहित बियालीस पद स्वीकृत है लेकिन विभाग की अनदेखी कहे या पुलिस विभाग में कार्मिकों की कमी के चलते थाने में अक्सर बीस से बाईस ही पद भरे रहते हंै जिससे प्रत्येक कर्मचारी पर अनावश्यक बोझ बना रहता है व थाने में फरियाद लेकर आने वाले लोगों को भी त्वरित न्याय नहीं मिल पाता है। रैणी थाना के अधीन ही गढ़ी सवाईराम पुलिस चौकी है जहां भी पद पूर्ण से नहीं भरे हुए हंै।
माह में होते हैं 40-45 मामले दर्ज
थाने में मासिक चालीस से पैंतालीस मुकदमें दर्ज होते हैं व अन्य छुट पुट घटनाओं के परिवाद भी आते रहते हंै। प्रत्येक फरियादी को संतुष्ट करना पुलिस का काम होता है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते उचित कार्रवाई समय पर नहीं हो पाती है। क्षेत्र में वाहन चोरी,पशु चोरी,महिला उत्पीडन,जमीन के बंटवारे सहित अवैध खनन के मामलो से संबंधित घटनाएं अधिक होती है कभी कभार लूट की घटनाएं भी होती रहती है।
Published on:
28 Nov 2020 05:56 pm
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