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किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब बंजर पड़ी जमीन के उपयोग से कर सकेंगे मोटी कमाई, जानिए सरकार की यह नई योजना

किसान बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बना सकेंगे और निगम को बिजली बेच सकेंगे।

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अलवर

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Hiren Joshi

Nov 19, 2021

Selected Top Story: Farmers Can Earn From Barren Land

किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब बंजर पड़ी जमीन के उपयोग से कर सकेंगे मोटी कमाई, जानिए सरकार की यह नई योजना

अलवर. बंजर भूमि में सौर ऊर्जा का उत्पादन किसानों को खुशहाल करेगा। अलवर जिले में एक सोलर प्लांट की स्थापना ने किसानों को खुशहाली की राह दिखाई है। अब किसान अपनी बंजर भूमि में सोलर प्लांट लगा कर न केवल स्वयं की बिजली की पूर्ति करेगा, बल्कि बिजली निगम को बिजली बेचकर हर साल लाखों रुपए कमा सकेंगे।

पीएम कुसुन कंपोनेंट ए योजना के तहत देश में सोलर प्लांट लगने हैं। इसकी शुरुआत राजस्थान के अलवर से हो चुकी है। अभी तक देश के तीन सोलर प्लांट राजस्थान में लगे हैं। प्लांट लगाने का खर्चा किसान को वहन करना होगा। उसके बाद 25 साल तक 3 रुपए 14 पैसे के हिसाब से किसान प्लांट में बनने वाली बिजली बिजली निगम के पास के सब स्टेशन पर सप्लाई कर सकेगा।

किसानों को बिजली की कमी से नहीं जूझना पडे, इस कारण राजस्थान में किसान सोलर सिस्टम को अपना रहे हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर प्लांट लग रहे हैं। सरकार की तरफ से भी सोलर प्लांट लगाने पर छूट दी जाती है। केंद्र सरकार पीएम कुसुन कंपोनेंट ए योजना शुरू की है। इसके तहत सब स्टेशन के 5 किलोमीटर दायरे में अगर किसी किसान की जमीन खाली है तो वह अपनी जमीन पर 2 मेगा वाट का सोलर प्लांट लगा सकता है प्लांट लगाने का खर्चा किसान को वहन करना होगा उसके बाद प्लांट से विद्युत सब स्टेशन तक बिजली की लाइन डालने का खर्चा भी किसान को उठाना होगा किसान से विद्युत निगम बिजली खरीदेगा। इसके लिए किसान को 3 रुपए 14 पैसे दिए जाएंगे।

देश में इस योजना के तहत अलवर, कोटपूतली व बांसवाड़ा में सोलर प्लांट लग चुके हैं। अलवर जिले के बहरोड क्षेत्र के साडोली गांव में यह प्लांट लगा है। इस प्लांट से 24 घंटे बिजली सप्लाई 33 केवीए विद्युत सबस्टेशन को दी जाएगी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा इस योजना में बड़ी संख्या में लोग रुचि दिखा रहे हैं। जिन लोगों की जमीन बंजर पड़ी हुई है या यह पथरीली है। वो लोग प्लांट लगाकर अपने परिवार का जीवन यापन कर सकते हैं।

गांव व शहरों में सोलर पैनल का उपयोग बढा

बिजली की आंख मिचौनी और महंगी दरों के चलते लोग गांवों व शहरों में सोलर पैनल लगाने पर जोर देने लगे हैं। यही कारण सरकार भी अब सोलर पैनल को बढावा दे रही है। अनेक सरकारी संस्थान अब सोलर पैनल से बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भर होने लगे हैं। अलवर के रेलवे जंक्शन सहित अनेक सरकारी संस्थानों में सोलर पैनल से बिजली उत्पादित की जा रही है। इसके अलावा अलवर के मिनी सचिवालय में भी सोलर बिजली प्लांट लगाया जाएगा। वहीं अनेक निजी संस्थानों में भी सोलर पैनल से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

इस तरह बदलेगी किसानों की दशा

विद्युत निगम के अधिकारियों ने कहा कि सोलर प्लांट से जिस 33केवी सबस्टेशन को बिजली सप्लाई की जाएगी उस सब स्टेशन से जुड़े हुए गांव के लोगों को अब दिन में भी बिजली सप्लाई हो सकेगी। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर बिजली सप्लाई रात के समय होती हैं। ऐसे में ग्रामीण परेशान होते हैं। दिन में धूप तेज रहती है। सोलर प्लांट से दिन में ज्यादा बिजली बन सकेगी। उस बिजली का फायदा आसपास के क्षेत्र के लोगों को होगा।

गांव के लोगों को मिलेगी बिजली

सोलर सिस्टम बेहतर होने से बिजली की बचत होगी क्योंकि बिजली की लगातार डिमांड बढ़ रही है। बिजली की कमी होने के कारण गांव में अब भी दिन के समय बिजली सप्लाई नहीं हो पाती है। लेकिन गांव में सोलर सिस्टम डेवलप होने से गांव के लोगों को भी पूरे समय पर बिजली सप्लाई हो सकेगी।

राज सिंह यादव, सेवानिवृत, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम