
अलवर. संसद में ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कानून बनने के बाद अब जिले की एक मुस्लिम महिला को उसके पति ने डाक से स्टाम्प भेजकर तलाक दे दिया है। स्टाम्प में पति ने तलाक-तलाक-तलाक लिखने के बाद आगे लिखा है कि अब आजाद हो।
महिला गर्भवती है, वह अचानक तलाक को लेकर भेजे गए स्टाम्प को देखकर हैरान है।
क्षेत्र के अलावलपुर निवासी मरोड खां ने बताया कि उसकी पुत्री खुर्शीदन का निकाह वर्ष २०१४ में वकील पुत्र धम्माली निवासी जोतरूहल्ला तहसील पहाड़ी भरतपुर के साथ हुआ था। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व वकील उसकी बेटी को पीहर वालों से मिलवाने के बहाने लाया और यहीं छोडक़र चला गया।
बाद में कई बार बेटी के ससुराल वाले से फोन पर सम्पर्क किया, लेकिन वे आना-कानी करते रहे। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले डाक के माध्यम से वकील ने तलाकनामा भेज दिया। इसमें उसने आपसी मनमुटाव एवं वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बैठ पाने की बात कहते हुए कि तलाक-तलाक-तलाक लिखकर खुर्शीदन को आजाद करने की बात कही है। साथ ही लिखा है कि अब खुर्शीदन कहीं भी निकाह कर घर बसा सकती है। डाक से भेजे गए तलाकनामे को देखकर महिला खुर्शीदन हैरान हो गई है। वह गर्भवती है।
महिला ने कहा कि उसके दो साल की बेटी है तथा वर्तमान में गर्भवती भी है। एेसे में बच्चों का लालन-पालन कैसे करेगी? महिला ने बताया कि केवल एक जोड़ी कपड़ों में उसका पति उसे माता-पिता से मिलवाने के बहाने यहां छोड़ गया है। महिला का आरोप है कि उसके गहने भी उतरवा लिए। खुर्शीदन बोली कि वह उसके साथ रहना चाहती है, लेकिन भेजे गए तलाकनामे के बाद बच्चों के भरण-पोषण पर संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
कार्रवाई की जाएगी
इस संदर्भ में थाने में कोई सूचना नहीं दी गई है। सूचना प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भीम सिंह, इंचार्ज थाना नौगावां
Published on:
16 Jan 2018 12:41 am
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