शाहजहांपुर आंदोलन: किसानों ने कहा केंद्र सरकार को अहिंसात्मक तरीके से कृषि कानून वापस लेने के लिए करेंगे विवश

वक्ताओं ने तीनों कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन कर सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर विवश करेगा।

By: Lubhavan

Published: 23 Feb 2021, 12:08 PM IST

अलवर /शाहजहांपुर. केन्द्र सरकार की ओर से पारित किए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शाहजहांपुर बॉर्डर पर सोमवार को 72वें दिन महापड़ाव जारी रहा। इस दौरान आयोजित किसान सभा में वक्ताओं ने तीनों कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन कर सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर विवश करेगा।

किसान सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के तारासिंह सिद्दू ने कहा कि देश भर में किसानों की ओर से अहिंसात्मक आंदोलन की ताकत से ही केन्द्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। साथ ही डॉ. संजय माधव ने कृषि कानून वापसी नहीं तो किसानों की घर वापसी भी संभव नहीं होने की बात दोहराते हुए किसानों को एक जुटता से आंदोलन में सहयोग की आवश्यकता बताई। शाहजहांपुर सरपंच प्रतिनिधि ऋषि यादव ने बॉर्डर के सीमावर्ती स्थानीय गांवों के किसानों की आंदोलन स्थल पर भागीदारी बढ़ाने में हर संभव सहयोग देने की बात कही। जौनायचा खुर्द निवासी किसान नेता हमीर यादव, सक्तपुरा-बावद निवासी सत्यवीर सिंह पप्पू, डॉ.अभय सिंह यादव, भुनगड़ा अहीर निवासी पंच शशीकांत शर्मा आदि ने स्थानीय गांवों के किसानों को आंदोलन से जोडऩे में सहयोग करने की बात कही।

वहीं किसान सभा की ओर से कीर्ति किसान यूनियन पंजाब के प्रधान दातारसिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रख श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से इन्द्रजीत सिंह की अध्यक्षता में साधारण सभा आयोजित कर आंदोलन के तीसरे पड़ाव संबंधी आवश्यक घोषणाएं की। बाकी 28 फरवरी को आयोजित होने वाली बैठक में की जाने की बात कही।

आज पगड़ी संभाल जट्टा दिवस मनाएंगे

आंदोलन स्थल पर मंगलवार को पगड़ी संभल जट्टा दिवस मनाया जाएगा। 24 को दमन विरोधी दिवस, 26 को दिल्ली मोर्चा के तीन माह पूरे होने पर युवा किसान दिवस, 27 को गुुरु रविदास व शहीद चन्द्रशेखर आजाद जयंती पर मजदूर किसान एकता दिवस के रूप में मनाने का कार्यक्रम तय किया गया।

Lubhavan Desk
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