
अलावड़ा (अलवर). बरवाड़ाबास गांव में शुक्रवार शाम छह साल की बालिका को 10-12 श्वानों ने नोंच-नोंच कर मार डाला। श्वानों ने बालिका के शरीर पर जगह-जगह काटा, जिससे अलवर में शनिवार सुबह उपचार के दौरान बालिका की मौत हो गई।
मृत बालिका के पिता सोहन सिंह ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करने खेत पर गया था। उसकी 6 साल की बेटी अमनदीप कौर खेत पर उसे पानी देने आ रही थी। बीच रास्ते में10-12 श्वानों ने उस पर हमला कर दिया।
श्वानों ने अपने नुकीले दातों से इतना काटा कि मासूम के शरीर का कोई अंग ऐसा नहीं बचा, जहां से खून नहीं निकल रहा। अमनदीप पूरी तरह खून से लथपथ हो चुकी थी। वहां पर रह रहे एक पड़ोसी को बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी। दौड़ते हुए वे मौके पर पहुंचे। श्वान बच्ची को नोंच-नोंच नोच कर खा रहे थे।
श्वान बच्ची के चारों तरफ से लिपटे हुए थे और बच्ची चीख रही थी। वहां रहने वाले लोगों ने डंडों से मारकर श्वानों को भगाया। तब जाकर बालिका को छुड़ाया जा सका। इसके बाद बच्ची को रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां बालिका की गंभीर हालत को देखते हुए जीएनएम स्टाफ के धर्मेंद्र कुमार ने इंजेक्शन लगाकर प्राथमिक उपचार के बाद अलवर रैफर कर दिया। अलवर के सामान्य अस्पताल में शनिवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे बालिका ने दम तोड़ दिया।
सबसे बड़ी थी अमनदीप
बालिका के पिता ने रोते हुए बताया कि उसके तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी अमनदीप सिंह, दूसरी बेटी पूजा और सबसे छोटी प्रिंस सिंह है। बड़ी बेटी अमनदीप बरवाड़ा गांव के सरकारी स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ाई करती थी। माता सिमरन कौर है।
घर से बाहर निकलने में लगता है डर
बालिका की मौत के बाद पूरे गांव में शोक छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि श्वान हिंसक होते जा रहे हैं। छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से डर लगने लगा है। श्वानों से पीछा छुड़ाने के लिए उन्हें डंडों से मारकर भगाना पड़ता है। तिलवाड़ा के सरपंच राकेश पंवार ने बताया कि श्वानों के बढ़ते आंतक को देखते हुए इन्हें प्रशासन की मदद से जल्द पकड़ा जाएगा।
तीन साल पहले भी बच्ची को श्वानों ने मारा था
गोविंदगढ़ के पास सेमरी दिलावर गांव में भी 3 साल पूर्व भी 7 साल की बच्ची को भी आवारा श्वानों ने काटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
Updated on:
27 Jun 2021 10:17 am
Published on:
26 Jun 2021 03:18 pm
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