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यहां आचार संहिता का हो रहा था उल्लंघन, पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो हटे स्टीकर, मुख्य प्रबंधकों को दिया नोटिस

राजस्थान में उपचुनाव के बाद आचार संहिता लगने के बाद भी अलवर में रोडवेज बसों पर सरकारी योजनाओं का प्रचार हो रहा था।

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अलवर

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Rajeev Goyal

Jan 17, 2018

sticker removed from roadways bus election commission gave notice

अलवर. जिला निर्वाचन अधिकारी राजन विशाल ने सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों के बड़े-बड़े स्टिकर लगाकर आचार संहिता का उल्लंघन कर दौड़ रही रोडवेज बसों के मामले में रोडवेज के तीनों मुख्य प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है।

जिसमें उन्होंने तीनों मुख्य प्रबंधकों से इस गंभीर लापरवाही का स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को रोडवेज अधिकारियों ने आनन-फानन में बसों पर चिपके सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों के स्टिकर हटवा दिए। गौरतलब है कि अलवर में आदर्श आचार संहिता के बावजूद रोडवेज बसों पर सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों के बड़े-बड़े स्टीकर चिपके हुए थे। इन पर मोटे-मोटे अक्षरों में सरकार की उपलब्धियां लिखी थी।

‘सोच नई-काम कई’ सहित मुख्यमंत्री का फोटो भी लगा हुआ है। ये बसें अलवर सहित पूरे जिले में लगातार दौड़ आचार संहिता का उल्लंघन कर रही थी। पत्रिका में समाचार के बाद रोडवेज अधिकारियों को बसों पर चिपके स्टिकरों की याद आई और आनन-फानन में स्टिकर हटवाए गए।

अस्पताल में भी चस्पा हैं पोस्टर

अलवर. रोडवेज बसों पर चिपके सरकार की उपलब्धियों के स्टिकर तो मंगलवार को हट गए, लेकिन जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब भी सरकार का प्रचार कर रहा है। अस्पताल में सरकार की योजनाओं के पोस्टर व होर्डिंग्स अब भी लगे हुए हैं। इन पर मुख्यमंत्री का फोटो भी है। खास बात ये है कि जिले के सबसे बड़े इस सरकारी अस्पताल में रोजाना उपचार के लिए 3 से 5 हजार लोग आते हैं।

दिनभर अस्पताल में लोगों की आवाजाही लगी रहती है। इनमें ज्यादातर गरीब व मध्यम वर्गीय लोग होते हैं, जो सरकार की योजनाओं से सहज ही प्रभावित हो जाते हैं। अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सहित चिकित्सक भी रोज आते हैं, लेकिन अब तक किसी ने आचार संहिता की पालना में इन पोस्टर व होर्डिंग्स को हटाने की जहमत नहीं उठाई है।

सरकारी राशन की रसीद पर भी ‘कमल’

सरकार की ओर से बीपीएल व अंत्योदय परिवारों को प्रतिमाह दिए जाने वाले गेहूं, केरोसिन आदि की रसीद पर भी कमल का फूल बना हुआ है। अधिवक्ता राकेश कुमार शर्मा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। अधिवक्ता के अनुसार लोकसभा उपचुनाव में रसीद पर छपा कमल का फूल मतदाताओं को गुमराह कर सकता है।