अलवर. राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर शनिवार को छात्रों ने शहर के जेल सर्किल से लेकर मत्स्य विश्वविद्यालय परिसर तक पैदल मार्च निकाला l इस दौरान छात्रों ने कांग्रेस सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।
छात्र नेता सन्दीप ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 12 अगस्त को प्रेस वार्ता में छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने को कहा। जिसमें लिंगदोह कमेटी की पालना न करना बताया। इसके बाद आधी रात को एक आदेश जारी किया। जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपतियों को छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने को कहा गया। जिसमें लिंगदोह कमेटी के नियम की पालना ना करना और नई शिक्षा निति 2020 लागू करने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि लिंगदोह कमेटी की पालना करवाना राज्य सरकार प्रशासन, कुलपति और प्राचार्य की होती हैं। छात्र संघ चुनाव छात्रों के लिए एक त्योहार है जो कि लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। राजस्थान के मुखिया स्वयं छात्र राजनीति से मुख्य राजनीति में गए। अन्य राज्यों में छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा आदेश को वापस लेने की मांग की। छात्रनेता ने बताया कि छात्र पिछले कई वर्षों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कई विद्यार्थी अपनी उम्र पूरी कर लेंगे या पढाई पूरी होने के चलते यूनिवर्सिटी, कॉलेज में चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। चुनाव नहीं कराना लोकतंत्र की हत्या है।
ओला ने कहा कि प्रदेश के महाविद्यालयो व विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर छात्र अलग-अलग तरीको से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन राजस्थान सरकार व प्रशासन इसकी और कोई ध्यान नहीं दे रहा। इसलिए सरकार को जगाने के लिए छात्र शक्ति ने जेल सर्किल से मत्स्य विवि परिसर तक पैदल मार्च निकाला है ताकि कांग्रेस सरकार जाग जाए।ओला ने कहा कि सरकार ने अगर समय रहते राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए तो बड़ी संख्या में स्टूडेंट सड़कों पर होंगे और सरकार के खिलाफ एक बड़ा उग्र आंदोलन खड़ा हो जाएगा l जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की होगी l प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। वही शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेल सर्किल व मत्स्य विवि परिसर में पुलिस भी तैनात रही।
ज्ञापन दिए बिना ही लौटे छात्र
छात्र अपनी मांगों को लेकर मत्स्य विश्वविद्यालय कुलपति को ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन कुलपति के विश्वविद्यालय में उपस्थित नहीं होने पर वह ज्ञापन दिए बिना ही लौट गए।