
फोटो - प्रतीकात्मक है (पत्रिका)
सनराइज यूनिवर्सिटी समेत तीन विश्वविद्यालयों को फर्जी डिग्री बांटने सहित कई अन्य आरोपों में यूजीसी ने हाल ही में 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया था। इसी को लेकर अब प्रदेश सरकार ने जांच शुरू करवा दी है। उच्च शिक्षा विभाग के नेतृत्व में बनी टीम में अलवर कलक्टर आर्तिका शुक्ला व एसपी संजीव नैन भी सदस्य हैं। इन अधिकारियों ने विश्वविद्यालय से रिकॉर्ड तलब किए हैं। बताया जा रहा है कि गहनता से जांच हुई तो कई राज खुलेंगे, जिस आधार पर बड़ा एक्शन हो सकता है।
सनराइज विश्वविद्यालय यूजीसी से मान्यता प्राप्त है, लेकिन मानकों का पालन नहीं करने को लेकर सवालों के घेरे में है। कुछ वर्षों में फर्जी डिग्रियां बांटने के तमाम आरोप लगे। इसी को लेकर दो विश्वविद्यालयों पर पिछले साल सरकार ने शिकंजा कसा और एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की।
उसी आधार पर जांच चल रही थी, लेकिन यह जांच आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसी साल जनवरी में यूजीसी ने इस समेत तीन विश्वविद्यालयों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया तो सरकार की आंखें फिर खुल गई और जांच शुरू करवा दी। सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियां बांटी थीं, जो पूर्व में भी हुई जांच में पुष्ट हो चुकी हैं।
सनराइज विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्रियां बांटने समेत कई आरोप हैं, उसी आधार पर जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी की जाएगी। - बीना महावर, एडीएम सिटी।
राजस्थान सरकार पहले ही दो विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई कर चुकी है। सभी कोर्स में नए नामांकन पर उच्च शिक्षा विभाग ने रोक लगाई थी। पिछले तीन सत्र में जारी की गई डिग्रियों की जांच भी उच्च शिक्षा विभाग कर रहा है।
Updated on:
19 Jun 2025 01:03 pm
Published on:
19 Jun 2025 01:03 pm
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