पिनान. ताजियादार कमल खां ने बताया कि मुहर्रम पर ताजिया कतल की रात (शुक्रवार की रात) को ईमामबाड़ा लाया गया। जहां मेहंदी की रश्म अता की गई। शनिवार को प्रात: पुलिस सुरक्षा में ताजिया मेला स्थल ईमाम चौक लाया गया। जहां दिनभर मेला भरा। मेले में महिला श्रृंगार, चाट पकोड़ी, खिलोने आदि की अस्थाई दुकाने सजी रही। वहीं बच्चों के लिए झूले आदि आकर्षण का केन्द्र बने रहे। लोगों ने ताजिए के नीचे होकर निकलकर मन्नतें मांगी। शाम को मातमी धुनों के साथ ताजिए को दारूल उलूम फैजाने समर ईदगाह स्थित कर्बला ले जाया गया। जहां तजिए को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। ताजिये व अखाड़ा प्रदर्शन देखने को जनसमुदाय उमड़ पड़ा। इस दौरान विधायक जौहरी लाल मीणा, रैणी प्रधान मीरा मांगे लाल मीणा, डीएसपी हरिराम, एसएचओ रामजीलाल, थानेदार श्याम सुंदर, होशियार ङ्क्षसह एसआई, तहसीलदार सौरभ ङ्क्षसह गुर्जर, सरपंच प्रतिनिधि ब्रजमोहन गोयल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इधर सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए राजगढ़, रैणी, टहला आदि थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा।
गोङ्क्षवदगढ़. कस्बे में हर साल की तरह इस साल भी हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम पर मुस्लिम समाज की ओर से कस्बे में मातमी धुनों पर ताजिए निकाले गए व जगह जगह छबील का आयोजन किया गया। कस्बे की भगत ङ्क्षसह चौक पर स्थित ईदगाहा में ताजियों को रखा गया। वहां मेले का आयोजन हुआ। शाहबुद्दीन ने बताया की मेले में युवा मातमी धुनों पर ढोल ताशे बजाकर मातम मना रहे थे। जुलूस में शामिल आलम पर अकीदतमंदों ने फूलमाला चढ़ाए और अगरबत्ती जलाकर घर परिवार की खुशी की मन्नत मांगी। जुलूस में शामिल ताजियों व अलमों के नीचे से बच्चे, महिलाओं निकलकर सलामती की कामना की। पुलिस पहरे के बीच ताजिए रामबास स्थित कर्बला मैदान तक ले जाए गए । जहां देर शाम को उन्हें दफनाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।