अलवर. जिले में एकाएक पलटी खाए मौसम ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। बारिश व तेज हवा के साथ गिरे ओलो से रबी की फसलों में नुकसान से धरती पुत्र चिंतित है। आसमां से जहां ओले गिरे तो अन्नदाता की आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।
अकबरपुर. क्षेत्र में गुरुवार शाम हुई ओलावृष्टि से गेहूं सहित अन्य फसयों, प्याज के कण आदि में नुकसान अन्नदाता की आंखों से आंसू टपक पड़े। दिनभर क्षेत्र में बादल छाए रहे। दोपहर बाद बरसात के साथ चने के आकार में ओले गिरे। कुछ मिनट बाद दोबारा बरसात के साथ फिर बेर के आकार में ओले गिरने से किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद होने का डर है। बरसात के साथ तेज हवा चलने से फसल पूरी तरह पसर गई है। जिसे लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। अब लेटी फसल में नुकसान का डर है। गेहूं की बालियों के दाने अब पकने के कगार पर थे। अब दाने भी नहीं पक पाएंगे। महेश मीणा, मान सिंह सैनी, पप्पू खान आदि ने बताया कि दोपहर बाद बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल प्याज के कण व अन्य सभी फसलों में नुकसान है। बादल छाए होने से अभी चिंता सता रही है कि कहीं और ओलावृष्टि ना हो जाए। पहले ही प्याज की खेती में किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, लेकिन अब ऊपर वाला भी किसानों को ही मार रहा है।
मालाखेड़ा. मौसम ने एक बार फिर पलटा खाया। जिसके चलते बेमौसम की बारिश करीब शाम 4:15 शुरू हुई। 4:30 बजे के करीब चने के आकार के ओले भी कुछ सेकंड तक गिरे। विभिन्न क्षेत्रों में करीब 1 घंटे तक हवा के साथ बारिश होती रही। इससे बंदीपुरा, कलसाडा, लिली, जमालपुर, मिर्जापुर, मालाखेड़ा, श्याम गंगा, चोमू, बरखेड़ा सहित अन्य गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आडी पड़ गई। खेतों में कटी फसल को बारिश से नुकसान होने से किसान में गहरी चिंता हो गई। क्षेत्र के किसान धर्मी गुर्जर, गणपत सिंह, ईश्वर सिंह, श्योदयाल चौधरी, कैलाश चौधरी, कमल सिंह, प्रभु दयाल आदि ने बताया कि दो दिन से मौसम खराब है। जहां बुधवार को बूंदाबांदी हुई और गुरुवार देर शाम तेज बारिश व तेज हवा चली। जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आडी पसर गई। इससे गेहूं के उत्पादन व कार्य की गुणवत्ता में विपरीत असर पड़ेगा। बेमौसम की बारिश से किसान हताश और निराश है। बारिश का प्रकोप महुआखुर्द, सोहनपुर क्षेत्र में है।
थानागाजी. कस्बे सहित क्षेत्र में दोपहर बाद बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद कई गांवों में हवा ने सर्दी का एहसास करवाया। बूंदाबांदी से पकी फसल में नुकसान से किसान चिंतित नजर आए।