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186 लाख की जल जीवन मिशन योजना का समय पर नहीं हुआ टेंडर, नहीं बुझ पा रही प्यास

चौमू पंचायत सहित कई जगहाें पर नहीं मिल रहा लाभ। योजना का कार्य अभी आधा-अधूरा ही।

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मालाखेड़ा. केंद्र व राज्य में भाजपा सरकार होने के बावजूद चौमू ग्राम पंचायत मुख्यालय के सैकड़ों घरों में अभी भी जल जीवन मिशन से प्यास नहीं बुझ पा रही है।

आरोप है कि नवसृजित ग्राम पंचायत चौमू मुख्यालय पर जल जीवन मिशन योजना के तहत लगाए जाने वाले नए ट्यूबवेल कनेक्शन का विद्युत निगम से अनुबंध करने को लेकर सरपंच, सचिव की लापरवाही बनी रही, जिसके चलते प्रथम फेज में इस गांव में जल जीवन मिशन योजना का टेंडर नहीं हुआ। उसके बाद में निविदा डालने वाले ठेकेदार कोई भी इसमें रुचि दिखाने नहीं आए। आखिर में सितंबर 2023 में टेंडर लगाए गए। इसके कार्य आदेश 5 सितंबर को जारी हुए। जहां जलदाय विभाग की ओर से सख्त निर्देश देने के बाद 15 सितंबर को कार्य शुरू किया गया। महाराणा प्रताप चौक के पीछे उच्च जलाशय का निर्माण किया गया है, जो 200 किलो लीटर क्षमता का है, लेकिन योजना का कार्य अभी आधा-अधूरा ही है।

कई बार कराया अवगत

चौमू ग्राम पंचायत मुख्यालय के रहने वाले सरदार सिंह, समय सिंह, मूल सिंह, राकेश सिंह, बच्चू सिंह, बच्चन सिंह, भंवर सिंह, भवानी सिंह, राम सिंह, पूर्व सरपंच गोपाल गुर्जर, समाजसेवी राधा कृष्ण गुर्जर, सदराम, भूरेलाल, हरिकिशन, हरजीराम, नारायण लाल, भगवान सिंह, श्याम सिंह का कहना था कि कई बार पंचायत समिति के प्रधान, जिला परिषद सदस्य सहित विधायक व सांसद को भी पानी के संकट से अवगत कराया। उसके बावजूद यह योजना एक वर्ष के अंतराल में भी पूरी नहीं हो पा रही है। जिसका नुकसान ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

नहीं हुई सप्लाई

पंचायत मुख्यालय पर उच्च जलाशय, नलकूप निर्माण तथा पाइपलाइन बिछाने, जोड़ने तथा घर-घर जल संबंध प्रदान करने का कार्य धीमी गति से होने के कारण अभी सप्लाई शुरू नहीं हुई है, जिसके चलते ग्रामीणों को निजी ट्यूबवेल या दूसरे स्थान से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उच्च जलाशय का कनेक्शन ट्यूबवेल से नहीं हुआ है, जिसके चलते गांव में पानी का संकट बना हुआ है।

पेयजल योजना देरी से शुरू की गई

शुरुआती दौर में पंचायत स्तर से ही विद्युत कनेक्शन की पत्रावली का अनुबंध नहीं करने तथा टेंडर नहीं होने के कारण इस गांव में पेयजल योजना देरी से शुरू की गई। फिर भी ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था कर उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराया जाए।

हितेश कुमार सहायक अभियंता, मालाखेड़ा।