
युवाओं का भविष्य गढ़ने वाला पुस्तकालय खुद बहा रहा आंसू...नाम को भी मोहताज
युवाओं का भविष्य गढ़ने वाला पुस्तकालय खुद बहा रहा आंसू...नाम को भी मोहताज
कई बार अवगत कराया
अलवर. शिक्षा मंदिरों में भले ही भविष्य गढ़ा जा रहा हो लेकिन वहां की इमारतों का बुरा हाल है। अपने हाल पर उन्हें भी रोना आ रहा है। पुस्तकालय खुद ही अपने नाम को मोहताज है।
बात कला कॉलेज की हो रही है। आजादी के बाद इसकी स्थापना हुई थी। लडक़े व लड़कियां यहां शिक्षा पाने आते हैं। छह हजार से अधिक विद्यार्थी यहां पंजीकृत हैं। यह कॉलेज मत्स्य विश्वविद्यालय के अच्छे कॉलेजों में है। इस कॉलेज के भवन पर वर्षों से रंगाई-पुताई नहीं करवाई गई। मुख्य गेट की दशा खराब है जो पोस्टरों से ढका हुआ है। सफाई आदि नहीं करवाई गई है।
कॉलेज परिसर में रहता है अंधेरा : कॉलेज परिसर में लाइटें तो लगाईं गईं हैं लेकिन सभी खराब हैं। रात होते ही यहां अंधेरा होने लगता है। रात को यहां चोर आदि आने का भी खतरा रहता है।
ई बार अवगत कराया
कॉलेज की दशा के बारे में कॉलेज प्रशासन को कई बार अवगत कराया लेकिन सुधार नहीं हुआ जबकि कॉलेज के पास बजट का भी अभाव नहीं है।
साजिद खान, अध्यक्ष छात्र संघ
जल्द कार्य शुरू होगा
छात्रों ने पुस्तकालय सहित कॉलेज की कई मांगें हमारे सामने रखीं हैं। जल्द ही कॉलेज में काम शुरू होगा। नाम भी पुस्तकालय पर लिखवाएंगे।
- जुनू सिंह , उपप्राचार्य, कला कॉलेज
Published on:
28 Mar 2023 11:30 am
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