26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर

अलवर की जीवनदायनी पर तारबंदी का कब्जा …. देखें वीडियो

उनका यह भी कहना था गैर मुमकिन नदी पहाड़ की रजिस्ट्री नहीं हो सकती, न ही उसका इंतकाल हो सकता है। ग्रामीण संजय ङ्क्षसह आदि का कहना है कि नदी की चार बीघा जमीन पर तार बंदी कर नदी का बहाव रोक दिया है। यह प्राचीन नदी है। जब इसका बहाव तेज होगा तो रास्ता बदलने के कारण अन्य गांवों को खतरा हो सकता है। सरपंच सहित पटवारी को इसकी शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

Google source verification

नटनी के बारा से लेकर घाट तक अतिक्रमण, बजरी का भी दोहन, जिम्मेदार चुप
मालाखेड़ा. स्थानीय तहसील क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड की जमीन खरीद फरोख्त के साथ ही रूपालेल नदी के बहाव क्षेत्र तथा मुहाने पर अतिक्रमण, अवैध बजरी खनन भविष्य के लिए संकट बनता नजर आ रहा है। आरोप है कि इस मामले में राजस्व विभाग आंखें मूंदे हुए है।
सोहनपुर रूपारेल नदी के कुछ खसरा नंबर गैर मुमकिन नदी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। मालाखेडा तहसील के गांव महुआ, सोहनपुर के पास से रूपारेल नदी निकल रही है। आरोप है कि वहां पर राजनीतिक संरक्षण के चलते कुछ लोग अपनी जमीन को आगे बढाते हुए नदी के बहाव क्षेत्र पर तारबंदी कर व मिट्टी डाल कर उसे खेती के लिए तैयार कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अतिक्रमण के कारण नदी का बहाव रूक जाएगा और अन्य गांवों में खेत ङ्क्षसचाई करने में किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा। आगे के क्षेत्रों में पानी की कमी उत्पन्न हो जाएगी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मालाखेडा प्रशासन से कई बार की, लेकिन आंखें मूंदे बैठा है। ग्रामीणों ने राजस्व कर्मचारियों पर भ्रष्टचार के आरोप भी लगाए है। गांव सोहनपुर के पास से रूपारेल नदी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, लेकिन इस नदी के पास टुकडों में काश्तकारों से जमीन खरीद ली गई। हाल ही करीब 4 बीघा जमीन भी काश्तकारों से खरीदी गई है। खरीदी गई राजस्व रिकॉर्ड की भूमि का ग्राम पंचायत बंदीपुरा में इंतकाल पेश किया। ग्रामीणों ने जब तारबंदी होती देखी तो इसकी शिकायत पटवारी से की और तहसीलदार को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। नदी के बहाव क्षेत्र पर अतिक्रमण कर उसे अवरुद्ध किया जा रहा है। इधर बंदीपुरा पंचायत सरपंच बुधराम व समाजसेवी मोहन ङ्क्षसह से इस बारे में बताया पंचायत की बैठक में एक इंतकाल खोला गया है। बाकी पंचायत में स्वीकार नहीं किए गए। उनका यह भी कहना था गैर मुमकिन नदी पहाड़ की रजिस्ट्री नहीं हो सकती, न ही उसका इंतकाल हो सकता है। ग्रामीण संजय ङ्क्षसह आदि का कहना है कि नदी की चार बीघा जमीन पर तार बंदी कर नदी का बहाव रोक दिया है। यह प्राचीन नदी है। जब इसका बहाव तेज होगा तो रास्ता बदलने के कारण अन्य गांवों को खतरा हो सकता है। सरपंच सहित पटवारी को इसकी शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।