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रक्षक ही बन गए भक्षक … तीन सि‍पाहि‍यों ने कि‍या गैंगेरेप

तीनों पुलिसकर्मी हैं लाइन हाजिर: एडिशनल एसपी व जांच अधिकारी पहुंचे थाने जिले में खाकी के दामन पर पहले भी कई बार चरित्रहीनता के दाग लग चुके हैं। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ थानों महिलाओं से छेड़छाड़ और बलात्कार के मामले दर्ज हुए। जिनमें बलात्कार के दोषी एक एएसआई को जेल भी हो चुकी है।
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रक्षक ही बन गए भक्षक ... तीन सि‍पाहि‍यों ने कि‍या गैंगेरेप

रक्षक ही बन गए भक्षक ... तीन सि‍पाहि‍यों ने कि‍या गैंगेरेप

क्या बोले अधिकारी देखें वीडिय़ों

जिले के ग्रामीण इलाके में तीन पुलिसकर्मियों द्वारा नाबालिग से गैंगरेप के सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर ’खाकी’ पर ’कालिख’ पोत दी है। घटनाक्रम को लेकर पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूले हुए हैं। अनुसंधान में पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है और फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। रविवार को पुलिस अफसरों ने पहले पीडि़ता के सीआरपीसी की धारा-161 के तहत बयान दर्ज किए और उसका मेडिकल कराया। इसके बाद घटनास्थल पर जाकर नक्शा-मौका बनाया। सोमवार को पीडि़ता के न्यायालय के समक्ष सीआरपीसी की धारा-164 के तहत बयान कराए जाएंगे।
पीडि़ता ने थाने में मामला दर्ज कराया कि पुलिसकर्मी मानङ्क्षसह जाट, अविनाश और राजू सहित अन्य लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। तीनों पुलिसकर्मी दो वर्ष से उसके साथ गैंगरेप करते आ रहे थे। आरोपी पुलिसकर्मी अविनाश पीडि़ता को उसके भाई को आम्र्स एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देता रहा। एसपी ने इस मामले में तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों तत्काल कार्रवाई लाइन हाजिर कर दिया था।
बारीकी से जांच में जुटी पुलिस : रविवार को जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक व एएसपी मुख्यालय तेजपाल सिंह स्थानीय थाने पहुंचे। पुलिस अफसरों ने पीडि़ता के बयान दर्ज किए। इसके बाद पीडि़ता का मेडिकल कराया गया। पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा-मौका तैयार किया।
लोगों में रोष, मां बोली... न्याय दिलाकर रहूंगी
पुलिस कर्मियों द्वारा नाबालिग से बलात्कार के मामले को लेकर स्थानीय लोगों में

रोष व्याप्त है। पीडि़ता की मां बोली कि बेटी को न्याय दिलवाकर रहूंगी, हमें उम्मीद है नई सरकार हमें न्याय देगी। प्रशासन हमारी जान माल की सुरक्षा भी करे।

घटना के वक्त नाबालिग, अब शादीशुदा
पुलिस के अनुसार दो साल पहले घटना के दौरान पीडि़ता नाबालिग थी। अब फिलहाल पीडि़ता की 18 साल से अधिक उम्र है और उसकी शादी भी हो चुकी है।

जिले में खाकी के दामन पर पहले भी कई बार चरित्रहीनता के दाग लग चुके हैं। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ थानों महिलाओं से छेड़छाड़ और बलात्कार के मामले दर्ज हुए। जिनमें बलात्कार के दोषी एक एएसआई को जेल भी हो चुकी है। अरावली विहार थाने के तत्कालीन एएसआई रामजीत गुर्जर के खिलाफ एक महिला ने 17 जुलाई 2020 शादी का झांसा देकर ढाई साल तक बलात्कार करने तथा अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज कराया था। प्रकरण में विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट संख्या-4) अलवर ने एएसआई रामजीत गुर्जर को दोषी मानते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद एएसआई गुर्जर को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
इस प्रकरण से पहले वर्ष-2020 में ही खेरली थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर भरतङ्क्षसह के खिलाफ सरकारी आवास में बलात्कार करने का मामला दर्ज कराया था। वहीं, अगस्त-2023 में टहला थाने में पदस्थापित एएसआई रूपचंद यादव के खिलाफ एक युवती ने दौसा जिले में बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एएसआई यादव को निलम्बित कर दिया गया था। वहीं, पिछले दिनों शहर के वैशाली नगर थाने में तैनात हैडकांस्टेबल मुकेश यादव के खिलाफ एक महिला ने थाने में बुलाकर छेड़छाड़ व अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज कराया था।

इस मामले में डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराई जा रही है।
इससे पहले भी अलवर जिले में पुलिसकर्मियों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप लगते रहे हैं।