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सता रही चिंता…दूल्हे राजा कैसे जाएं दुल्हन के द्वार, चुनाव ड्यूटी में लगे वाहन

चुनाव की तिथि को देखते हुए मतदान से तीन-चार दिन पहले ही बसें व वाहनों को भी अधिग्रहीत किया जाएगा। ऐसे में शादी वाले घरों में सबसे बड़ी दिक्कत गाडिय़ों की हैं। बैंडबाजा, बराती सब तैयार हैं, मगर दूल्हे राजा दुल्हन के द्वार तक कैसे पहुंचेंगे। बसों का अधिग्रहण होने के कारण कई ट्रेवल एजेंसी संचालकों ने बुकिंग निरस्त कर दी हैं। दुल्हन की विदाई के लिए छोटी गाडिय़ां भी नहीं मिल पा रही हैं।

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अलवर

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mohit bawaliya

Oct 25, 2023

सता रही चिंता...दूल्हे राजा कैसे जाएं दुल्हन के द्वार, चुनाव ड्यूटी में लगे वाहन

सता रही चिंता...दूल्हे राजा कैसे जाएं दुल्हन के द्वार, चुनाव ड्यूटी में लगे वाहन

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में चुनावी रंगत दिखने लगी है। विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के बाद से ही विभिन्न दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 नवम्बर को मतदान होगा। इससे पहले 23 को देवप्रबोधिनी एकादशी का अबूझ सावा रहेगा। चुनाव की तिथि को देखते हुए मतदान से तीन-चार दिन पहले ही बसें व वाहनों को भी अधिग्रहीत किया जाएगा। ऐसे में शादी वाले घरों में सबसे बड़ी दिक्कत गाडिय़ों की हैं। बैंडबाजा, बराती सब तैयार हैं, मगर दूल्हे राजा दुल्हन के द्वार तक कैसे पहुंचेंगे। बसों का अधिग्रहण होने के कारण कई ट्रेवल एजेंसी संचालकों ने बुकिंग निरस्त कर दी हैं। दुल्हन की विदाई के लिए छोटी गाडिय़ां भी नहीं मिल पा रही हैं। गौरतलब है कि 23 नवम्बर को देव प्रबोधिनी एकादशी का सावा रहेगा। विवाह के अबूझ मुहूर्तों में इस एकादशी को प्रमुख माना गया है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर शादियां होती हैं। लोगों ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नवम्बर माह में 25, 28, 29 तारीख को खूब शादियां होगी। दिसम्बर माह में 4, 6, 7, 8 तथा 15 दिसम्बर के सावे रहेंगे।

दरअसल विधानसभा चुनावों में निर्वाचन विभाग को वाहनों की आवश्यकता है। दूसरी तरफ विवाह में बारात के लिए भी बसों व गाडिय़ों की आवश्यकता है। ऐसे में बसों की कमी के कारण बारातियों को छोटे वाहनों में ले जाने पर खर्च दो गुना उठाना पड़ेगा। निर्वाचन विभाग के आदेश पर परिवहन विभाग चुनाव को लेकर वाहनों को अधिग्रहित कर रहा है। इनमें जीप व कार,बस,मिनी बस आदि शामिल है। जबकि देवउठनी पर शादियों की भरमार है। इसके दो दिन बाद ही 25 नवम्बर को मतदान को लेकर पहले से ही वाहन अधिग्रहित कर लिए जाएंगे।

आर्थिक भार बढ़ेगा
परिवहन विभाग ने चुनाव के लिए क्षेत्र में चल रही बसों को अधिग्रहित करने के लिए सूची तैयार कर बस मालिकों को सूचित किया है। यह वाहन 23 नवम्बर को ही अधिग्रहित कर लिए जाएंगे। जबकि 23 नवम्बर को देव उठनी पर विवाह की धूम है। ऐसे में उस दिन बारात के लिए बसें नहीं है। अब छोटे वाहन कार करनी पड़ रही है। लोगो ने बताया कि 23 से लेकर 27 नवम्बर तक विवाह है। ऐसे में 23 नवम्बर को अधिग्रहित होने वाली बसें 26 नवम्बर तक फ्री होंगी। बीच की अवधि में विवाह के लिए बसों के स्थान पर कार करने पर दो गुना खर्च आ रहा है।

45 वाहन अधिग्रहित
परिवहन उपनिरीक्षक प्रवीण शर्मा ने बताया कि अभी तक बहरोड़ विधानसभा के लिए 45 गाडयि़ों को अधिग्रहित किया गया है। वहीं बसों के मालिकों को भी सूचित किया गया है और भी बस व गाडयि़ों की जरूरत होगी तो चुनाव से कुछ दिन पहले ही सूचना आएगी।

पांच माह बाद होंगे मांगलिक कार्य
मांगलिक कार्य क्रम व विवाह समारोह की शुरुआत पांच माह बाद देवउठनी के अबूझ सावे के साथ 23 नवम्बर से होगी। क्षेत्र में विधानसभा चुनाव को लेकर भी निवार्चन आयोग की ओर से तैयारियां की जा रही है। निवार्चन आयोग के निर्देश पर परिवहन अधिकारी वाहनों के अधिग्रहण कर रहे हैं। वाहनों व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर वर-वधुओं के परिजन परेशान है। वाहनों की कमी के चलते कई लोग दिसम्बर में विवाह की तिथि तय कराने की तैयारी कर रहे हैं।