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तीसरा मोर्चा और निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं कांग्रेस-बीजेपी का गणित

विधानसभा चुनाव-2023 के दौरान अलवर जिले में कुछ बेहद शानदार मुकाबले होने वाले हैं। तीसरा मोर्चा और स्वतंत्र उम्मीदवार कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए वोटों की गिनती को पूरी तरह से गड़बड़ा सकते हैं।

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विधानसभा चुनाव-2023 के दौरान अलवर जिले में कुछ बेहद शानदार मुकाबले होने वाले हैं। तीसरा मोर्चा और स्वतंत्र उम्मीदवार कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए वोटों की गिनती को पूरी तरह से गड़बड़ा सकते हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब 35 फीसदी वोट तीसरे मोर्चे की पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिले थे। विधानसभा चुनाव-2018 में अलवर जिले की 11 विधानसभा सीटों पर 18 लाख 53 हजार 27 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। जिसमें सबसे ज्यादा 6 लाख 2 हजार 743 वोट कांग्रेस को मिले थे।

भाजपा के खाते में 5 लाख 91 हजार 54 वोट गए। बसपा 2 लाख 91 हजार, सीपीआई 738 तथा अन्य दल 91 हजार 241 वोट कब्जाने में सफल रहे। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों ने 2 लाख 64 हजार 498 वोट लिए थे। 18 लाख 53 हजार 27 में से तीसरा मोर्चा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 6 लाख 47 हजार 653 वोट अर्जित किए, जो कि कुल मतदान का 34.95 प्रतिशत था। इसके अलावा 11 हजार 577 वोट नोटा को गए।

चार सीटों पर दर्ज की थी जीत

पिछले विधानसभा चुनाव में अलवर जिले में बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों का जादू खूब चला। जिले की 11 में से 4 सीटें बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में गई। तिजारा और किशनगढ़बास से बसपा प्रत्याशी विजयी रहे। वहीं, बहरोड़ और थानागाजी में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।