
अंडरपास की जगह ये बनेगा...मरीज ऐसे पहुंचेंगे महिला अस्पताल
सामान्य व महिला अस्पताल के मरीजों की राह आसान करने के लिए बनाए जाने वाले अंडरपास को फिलहाल जिला प्रशासन ने स्थगित कर दिया है। इसका विकल्प निकाला है कि यहां रेड लाइट लगा दी जाए। जैसे ही रेड लाइट होगी तो मरीज व तीमारदार आसानी से निकल सकेंगे।
अंडरपास की जगह नहीं ले सकती रेड लाइट
एक्सपर्ट धर्मेंद्र शर्मा कहते हैं कि अंडरपास का विकल्प रेड लाइट होता तो देशभर में सरकारें इतनी रकम अंडरपास पर खर्च नहीं करती। अंडरपास की जगह रेड लाइन नहीं ले सकती। मरीजों को रेड लाइट होने तक इंतजार करना होगा, इसमें समय लगेगा। मरीज रोड किनारे या स्ट्रेचर पर कितना इंतजार करेंगे। पैसे ही बचाना उद्देश्य नहीं होना चाहिए। सहूलियत मरीजों को अंडरपास ही दे सकता है।
अंडरपास की इस तरह संभावनाएं देखी गईं
पूर्व कलक्टर जितेंद्र सोनी ने अस्पताल के दौरे के दौरान मरीजों की परेशानी को समझा। उन्होंने देखा कि सामान्य अस्पताल व महिला अस्पताल के मरीज एक-दूसरी जगह जाते समय मुख्य मार्ग से होकर गुजरते हैं। सामान्य अस्पताल के बाहर जाम जैसे हालात होते हैं। ऐसे में मरीजों की कई बार जान पर बन आती है। इसी को देखते हुए अंडरपास का प्रस्ताव तैयार किया गया। करीब 6 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। यूआईटी को निर्माण का जिम्मा दिया गया। इसी बीच कलक्टर का तबादला हो गया और उसके बाद इस प्रस्ताव को हर किसी ने दबाने की कोशिश की। यही कारण है कि महत्वपूर्ण प्रस्ताव आज तक उठ नहीं पाया। अफसर अधिक बजट होने की बात कहकर इसे आगे नहीं बढ़ा रहे। इसके अलावा दूसरा कारण ये भी है कि अंडरपास की राह में कुछ मेडिकल की दुकानें बाधा बनी हैं, जो हटेंगी।
मरीजों की सहूलियत के लिए पहले रेड लाइट लगाई जाएगी। इससे उन्हें राहत मिलेगी। यदि इसके बाद भी मरीजों को कोई परेशानी होती है तो फिर अंडरपास बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
-- आशीष गुप्ता, जिला कलक्टर
Published on:
03 Mar 2024 11:32 am
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