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चुनाव में पसीना बहाया, अब बच्चों का कोर्स पूरा कराने में लगाएंगे जोर

locationअलवरPublished: Nov 28, 2023 08:33:11 pm

Submitted by:

jitendra kumar

जिले में विधानसभा चुनाव होने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लग गई। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। चुनावों में अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की बात तो दूर सामान्य कक्षाओं का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। इससे बोर्ड वाली कक्षाओं और बैगर बोर्ड वाली कक्षाओं को नुकसान हुआ है।

चुनाव में पसीना बहाया, अब बच्चों का कोर्स पूरा कराने में लगाएंगे जोर
चुनाव में पसीना बहाया, अब बच्चों का कोर्स पूरा कराने में लगाएंगे जोर
जिले में विधानसभा चुनाव होने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लग गई। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। चुनावों में अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की बात तो दूर सामान्य कक्षाओं का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। इससे बोर्ड वाली कक्षाओं और बैगर बोर्ड वाली कक्षाओं को नुकसान हुआ है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। 11 दिसम्बर को अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित होंगी और कई बड़े स्कूलों में चुनाव के कारण अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं तक आने वाले कोर्स भी पूरे नहीं हो पाएंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोर्स को कवर करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं ताकि विद्यार्थियों को परेशानी नहीं हो।
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए यह मापदंड : सरकारी स्कूलों की बोर्ड वाली कक्षाओं में 10वीं और 12 वीं कक्षा के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा तक 90 फीसदी तक कोर्स होना चाहिए तथा बैगर बोर्ड वाली कक्षाओं के लिए 60 फीसदी से अधिक कोर्स पूरा होना चाहिए। यह विभाग का मापदंड है, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में ये मापदंड पूरा नहीं हुआ। जिन स्कूलों में अभी कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा का पूरा नहीं करवाया गया है, उनमें अतिरिक्त कक्षाएं चल रही हैं। वही, अतिरिक्त कक्षाओं में विषय अध्यापकों की ओर से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों के परिणाम में सुधार किया जाए।
चैप्टर एक सप्ताह में होता है पूरा
स्कूल में एक चैप्टर पढ़ाने में एक सप्ताह लग जाता है। हर कोर्स को पूरा कराने का समय निर्धारित है लेकिन बीच में चुनाव आने के चलते अब समय कम हो गया। शिक्षकों को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। गणित, विज्ञान, रसायन विज्ञान आदि कोर्स पूरा कराने में अधिक समय लगता है। ऐसे में शिक्षक भी चिंतित हैं। एसएमडी स्कूल प्रधानाचार्य सीमा शर्मा ने बताया कि दो -तीन दिन में हमारी स्कूल का कोर्स पूरा हो जाएगा। इसके लिए शिक्षकों की ओर से अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। कुछ अन्य स्कूलों में भी कोर्स पूरा होने का दावा किया जा रहा है लेकिन तमाम स्कूलों में ऐसे हालात नहीं हैं।
जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का अर्द्धवार्षिक परीक्षा तक माध्यमिक शिक्षा विभाग के मापदंड के अनुसार कोर्स पूरा करवाना जरूरी है। सभी स्कूलों में तेजी से पढ़ाई करवाई जा रही है।
भूपसिंह नरुका, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर।

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