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पर्यटन का बदल रहा ट्रेंड, अब धार्मिक पर्यटक स्थलों के लिए ट्रेने एडवांस बुक

धार्मिक स्थलों की सैर से मिल रही है शांति, सपरिवार कर रहे हैँ सैर अलवर. गर्मियों की छुटिटयां शुरू हो गई है। साल में यह ऐसा समय होता है जब लोग सपरिवार सैर के लिए निकलते हैं। पिछले कुछ सालों में पर्यटन का ट्रेंड तेजी से बदला है। पहले लोग गर्मियों में राहत पाने के लिए ठंडे शहरों जैसे जम्मू कश्मीर, हिमाचल, देहरादून, नेनीताल जाना पसंद करते थे लेकिन पिछले कुछ सालों में अलवर के लोगों का रूझान धार्मिक पर्यटक स्थलों की ओर बढा है।

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अलवर

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Jyoti Sharma

Jun 03, 2023

पर्यटन का बदल रहा ट्रेंड, अब धार्मिक पर्यटक स्थलों के लिए ट्रेने एडवांस बुक

पर्यटन का बदल रहा ट्रेंड, अब धार्मिक पर्यटक स्थलों के लिए ट्रेने एडवांस बुक

पहले लोग हरिदवार दर्शन के लिए मुश्किल से ही जाते थे,यदि जाते थे लोग यही पूछते थे कि हरिदवार क्यों जा रहे हो लेकिन अब ऐसा नहीं है ज्यादातर लोग हरिदवार दर्शन के लिए सपरिवार जा रहे हैं। इसके साथ ही हरियाणा के कुरूक्षेत्र में ब्रहम सरोवर के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जा रहे हैं। कहा जाता है कि इस सरोवर में स्नान करने से ऋषिकेश, गंगोत्री,यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ, वैष्णोदेवी, शिमला में कालका जी माता के दर्शनों के लिए भक्ताें की भारी भीड़ उमड़ रही हैं।

धार्मिक पर्यटन स्थलों पर ज्यादा लोगों के जाने से अब रेल में टिकिट मिलना ही मुश्किल हो गया हैं। आगामी एक महिने तक यहां जाने वाली सभी ट्रेनों की सीटें एडवांस बुक हो गई है। टूर एंड ट्रेवल एजेंसी का काम करने वाले संजय अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक पर्यटक स्थलों पर जाने वाली ट्रेन के रूट में यात्रियों को सीट नहीं मिल रही है। मुंबई, चंडीगढ़, नैनीताल, हैदराबाद के लिए भी टिकिट नहीं मिल रही है। लोग परेशान हो रहे हैं। ट्रवल एजेंसी चला रही नंदा अग्रवाल ने बताया कि मई व जून में बहुत जयादा लोग सैर के लिए अलवर से बाहर जाते हैं, लेकिन ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से ज्यादातर लोग अपने निजी साधनों से ही जा रहे हैं। सरकार को इस दोरान विशेष ट्रेन का संचालन करना चाहिए। गरीब रथ में दो महिने तक कोई बुकिंग नहीं है। देहरादून, मंसूरी के साथ साथ् मथूरा और वृंदावन जाने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है।