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अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर में पनप रहा है खतरनाक माफिया, अधिकारियों से भी नहीं सभंल पा रहा

अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर में माफिया पनप रहा है। अधिकारी भी इस माफिया को नहीं रोक पा रहे हैं।

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अलवर

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Prem Pathak

Jun 11, 2018

Transport Mafia increasing in alwar

अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर में पनप रहा है खतरनाक माफिया, अधिकारियों से भी नहीं सभंल पा रहा

अब अलवर शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में पार्किंग माफिया पनप गया है जो सरकारी जमीन को कब्जे में लेकर वाहनों की अवैध पार्किंग कर महीने में लाखों रुपए रुपए कमा रहा है। यही नहीं पार्किंग के ठेके में भी तकनीकी खेल कर रहे हैं। पिछले दिनों जब यूआईटी ने ठेका निकाला तो इनके लोगों ने सबसे अधिक बोली लगाई और जानबूझकर एक लाख रुपए की अर्नेस्ट मनी जब्त करा दी ताकि फिर से अवैध वसूली कर सकें।

उसके बाद यूआईटी को ठेके की नई निविदा निकालने में दो माह लग गए। इस बीच उन्होंने लाखों रुपए कमा लिए। इस तरह ट्रांसपोर्ट नगर में पार्किंग माफिया के कब्जे में यूआईटी की बड़ी जमीनें हैं जिसके न ठेके हो पा रहे न सरकार को राजस्व मिल पा रहा। माफिया रोजाना जेब भर रहा है।

एक दिन में 15 हजार तक वसूली

अनुमान के अनुसार एक दिन में इन पार्किंग स्थलों पर 100 से 150 वाहन खड़े हो रहे हैं जिनसे करीब 10 से 15 हजार रुपए रोजाना वसूला जा रहा है। यह पूरा पैसा माफिया की जेब में जा रहा है। अवैध पार्किंग का यह गिरोह जमकर वसूली कर रहा हेै। किसी के पूछने पर यह जवाब मिलता है कि यूआईटी की तरफ से उन्हें पार्किंग का ठेका दिया हुआ है। असलियत में किसी का ठेका नहीं है। ठेका जारी होने तक सरकारी जगह पार्किंग के लिए निशुल्क होती है।

एक वाहन से 100 रुपए वसूल रहे

ट्रांसपोर्ट नगर ए व बी में दो जगह पार्किंग की बड़ी जमीन है जिस पर कई वर्षो से माफिया जमा हुआ है। यूआईटी ने कई बार अतिक्रमण हटाया। अगले दिन ही माफिया ने दोबारा से अवैध वसूली शुरू कर देता है। इससे निजात पाने के लिए यूआईटी ने पिछले वर्ष पार्किंग के ठेके दिए। वहीं मार्र्च में दोबारा से ठेके होने थे। बोली लगाने में माफिया के लोग आगे रहे जिन्होंने बाद में राशि जमा नहीं कराई।

इसके पीछे यही उद्देश्य रहा कि दोबारा से टेण्डर की प्रक्रिया पूरी होगी तब तक कई लाख अवैध पार्किंग से कमा लेंगे। इसे उचित मानते हुए उन्होंने एक लाख रुपया अर्नेस्ट मनी जब्त करा दी। मार्च के बाद से रोजाना पार्किंग के नाम पर वसूली कर रहे हैं। एक वाहन से 100 रुपए 12 घण्टे का शुल्क लेते हैं। यही नहीं शुल्क रसीद भी यूआईटी के नाम से जारी कर रहे हैं।

अधिकारी कह रहे जल्दी करेंगे ठेका

दोनों जगह की पार्किंग का ठेका जल्दी जारी कर रहे हैं। पिछले ठेके की अवधि पूरी होने के बाद कुछ लोग वाहन खड़ा करा रहे हैं। जिनकी शिकायत भी मिली है। लेकिन इसका समाधान करने के लिए टेण्डर जल्दी होने जा रहे हैं।
एके धींगड़ा, एक्सईएन, यूआईटी अलवर।