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बच्चा ना होने पर महिला ने झाड़-फूंक बाबा को दिखाया, बाबा ने डॉक्टर के पास जाने से मना किया और हो गई अनहोनी

fake baba in alwar : गर्भवती महिला को बाबा ने चिकित्सक का परामर्श लेने से मना किया, महिला ने नहीं दिखाया और शिशु की जान चली गई।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Aug 01, 2019

Unborn baby death due to fake baba in alwar

बच्चा ना होने पर महिला ने झाड़-फूंक बाबा को दिखाया, बाबा ने डॉक्टर के पास जाने से मना किया और हो गई अनहोनी

अलवर. Fake baba in alwar : हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, लेकिन अब भी कई लोग ऐसे हैं जो बाबाओं पर विश्वास करते हैं, ऐसे ही एक परिवार ने बाबा पर विश्वास किया। एक महिला के शादी के बाद बच्चा ना होने पर उन्होंने झाड़़-फूंक बाबा को दिखाया। बाबा ने महिला को किसी भी डॉक्टर के पास जाने से मना कर दिया, महिला और उसके परिवार ने बाबा की बात मान ली और एक अनहोनी हो गई। अलवर जिले के भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में सोमवार को एक विचित्र बच्चे का जन्म गर्भ में 9 माह के बावजूद अद्र्ध विकसित भ्रूण के रूप में हुआ है। चिकित्सीय भाषा में इसे ‘थैनैटोफिरोक ड्राफ’ नामक बीमारी कहा जाता है। यह बीमारी 50 हजार में से किसी एक बच्चे मेंपाई जाती है।

स्त्रीरोग विशेशज्ञ डॉ. गरिमा गोयल ने बताया कि घटाल निवासी महिल एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को अस्पताल लाया गया। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा तो बोले इसके लिए झाड़-फूंक बाबा ने मना किया है।
दरअसल विवाह के पांच वर्ष बाद भी बच्चा न होने पर एक झाड़-फूंक बाबा को दिखाया था। उसने झाड़-फूंक कर कहा कि पूर्णकाल तक ना तो किसी चिकित्सक को दिखाना है और ना ही अल्ट्रासाउंड कराना है।
उन्होंने बाबा की आज्ञा मानकर कभी अल्ट्रासाउंड नहीं कराई। अब चिकित्सक के जरूरी बताने पर अल्ट्रासाउंड कराई तो रिपोर्ट देखकर चिकित्सक और परिजनों के होश उड़ गए।

हाथ-पैर, फेफड़े अविकसित

बच्चे के मस्तिष्क में नसें विकसित नहीं हुई थी। फेफड़े और हाथ-पैर भी अविकसित थे। बच्च उल्टा भी था। किसी तरह चिकित्सक ने सामान्य प्रसव कराया, लेकिन जन्म के कुछ समय बाद ही बच्चेकी मौत हो गई। चिकित्सक गोयल के अनुसार यदि गर्भकाल के दौरान चिकित्सकीय परामर्श लिया होता, तो गर्भ के चार माह बाद ही पता चल जाता और शायद उपचार से बच्चा स्वस्थ हो जाता। मगर अज्ञानता के कारण चिकित्सकीय परामर्श नहीं लिया और बच्चे की मौत हो गई।

चिकित्सकीय परामर्श बेहद जरूरी

गर्भावस्था के दौरान समय-समय चिकित्सकीय परामर्श, टीकाकरण और अल्ट्रासाउंड भी बेहद जरूरी है। ये सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क होता है। झाड़-फूंक बाबाओं के चक्कर में न पडं़े। माताएं अपने और होने वाले शिशु के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ये पूरे परिवार की जिम्मेदारी है।
डॉ. गरिमा गोयल, स्त्री रोग विशेषज्ञ