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पूर्व सैनिक के परिजनों पर हमले का विरोध, संयुक्त व्यापार महासंघ ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन…. देखें वीडियो ……….

1971 की जंग में देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक रतनङ्क्षसह चौधरी आज खुद के और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए न्याय की भीख मांगने को मजबूर हैं। 4 मई की रात उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद 10 मई तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न किए जाने से शहर में रोष व्याप्त है।

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kailash Sharma

May 11, 2025


निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और न्याय की मांग, थानाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
खैरथल 1971 की जंग में देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक रतनङ्क्षसह चौधरी आज खुद के और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए न्याय की भीख मांगने को मजबूर हैं। 4 मई की रात उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद 10 मई तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न किए जाने से शहर में रोष व्याप्त है।
शनिवार को खैरथल संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक,धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने थाना अधिकारी राकेश मीणा को ज्ञापन सौंपकर पीडि़त परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। इस मौके पर स्वयं रतनङ्क्षसह को थाने बुलाया गया और उनसे घटनाक्रम की जानकारी ली गई। इस पर थाना प्रभारी राकेश मीणा ने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। थाना परिसर में महासंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा ने कहा कि खैरथल का हर नागरिक रतनङ्क्षसह और उनके परिवार के साथ है। प्रशासन को चेतावनी दी जाती है कि जल्द से जल्द आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करे, वरना व्यापारी वर्ग और समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा।ज्ञापन सौंपने वालों में समाजसेवी रवि चौधरी, नामदेव रामानी,भारतीय ङ्क्षसधु सभा अध्यक्ष नत्थूमल रामनानी, पुरुषार्थी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सेवक लालवानी, मुखी टीकमदास मुरजानी,
राजकुमार आसीजा, प्रहलाद छंगाणी, दिनेश कौशिक, पूर्व पार्षद महेंद्रपाल ङ्क्षसह, बलबीर ङ्क्षसह, हरीश जयवानी, संजय गंगवानी, पहाड़ी हनुमान मंदिर पर माता मंदिर के महंत मायाशंकर, वासुदेव प्रदनानी, किशोर वाधवानी, बसंतचौधरी ईश्वर मुंजवानी सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे। पूर्व सैनिक ने यह भी बताया कि उनके परिवार पर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं,लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिवार इस समय भारी मानसिक दबाव में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।