
representative picture (AI)
राजस्थान में इस साल मानसून से पहले ही इंद्रदेव की बेरुखी किसानों पर भारी पड़ रही है। लगातार हो रही बारिश ने किसानों को संकट में डाल दिया है। मार्च महीने से शुरू हुआ बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे फसलों को लगातार नुकसान हो रहा है।
वर्तमान में खेतों में कटाई का काम जोर-शोर से चल रहा था। कई किसानों ने अपनी मेहनत की फसल काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखी थी। मंगलवार रात अचानक हुई बारिश की वजह से ये फसलें पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि न केवल मुख्य फसल, बल्कि पशुओं के चारे (तूड़ी) पर भी पानी फिर गया है। भीगने के कारण अब दाने की चमक कम हो जाएगी, जिससे बाजार में किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
जानकारों के अनुसार अलवर जिले में करीब 30 प्रतिशत फसलें ऐसी हैं जो या तो कटकर खेत में पड़ी हैं या अभी खड़ी फसल की कटाई बाकी है। कटी हुई फसल के भीगने से उसमें फफूंद (Fungus) लगने और दाने के काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन सर्वे के बाद ही हो पाएगा, लेकिन प्राथमिक तौर पर यह किसानों के लिए बड़ा आर्थिक झटका है।
बारिश के कारण जहां किसान परेशान हैं, वहीं शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है। बुधवार की सुबह ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुई। हालांकि दिन में हल्की धूप खिली, लेकिन शाम होते-होते फिर से बादलों ने डेरा जमा लिया और बूंदाबांदी का दौर चला।
क्षेत्र में बदलते मौसम के बीच किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हाल ही में हुई बारिश से खेतों में रखी फसल भीग चुकी है, जिससे नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसान अब अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी धूप का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अनाज को सुखाकर आगे के नुकसान को रोका जा सके। लगातार बदलते मौसम ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है।
Updated on:
09 Apr 2026 12:21 pm
Published on:
09 Apr 2026 12:21 pm
