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कोरोना काल में बच्चों का टीकाकरण थम गया, नहीं लग पा रहे हैं कई बीमारियों से बचाव के टीके

नर्सिंग स्टाफ कोरोना के टीके लगाने में जुटा हुआ है। ऐसे में बच्चों के लिए अन्य बीमारियों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Aug 24, 2021

Vaccination Of Children Delaying Due To Covid 19

कोरोना काल में बच्चों का टीकाकरण थम गया, नहीं लग पा रहे हैं कई बीमारियों से बचाव के टीके

अलवर. कोरोना की दूसरी लहर ने जिले मे न केवल बड़े पैमाने पर जन हानि व अर्थ व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाला। अचानक आई कोरोना की दूसरी लहर के कारण चिकित्सा विभाग ही नहीं, प्रशासन समेत अन्य विभागों की व्यस्तता बढऩे के कारण टीकाकरण थम सा गया। इस दौरान जिन बच्चों का जन्म हुआ था, उनमें से भी कई बच्चे टीकाकरण से वंचित रहे। टीकाकरण से वंचित रहे बच्चों को टीके लगाना अब स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि टीकाकरण शुरू कर लक्ष्य जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।

बच्चे के जन्म के बाद 5 साल तक अलग-अलग बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर के चलते करीब 4 माह तक जिले में टीकाकरण कार्यक्रम बंद रहा। ऐसे में जन्म के बाद लगने वाले जरूरी टीके बच्चों को नहीं लग पाए। कोरोना संक्रमण का खतरा कम होने पर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकाकरण की प्रक्रिया फिर से शुरू की है। हजारों बच्चों को लगने हैं टीकेस्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलवर जिले में 4567 बच्चों को बीसीजी का टीका लगना है।

वहीं 7096 बच्चों को पेंटावेलेंट की पहली डोज तथा 9787 बच्चों को दूसरी डोज तथा 12606 बच्चों को तीसरी डोज लगनी है। साथ ही 13 हजार 834 बच्चों को आईपीवी व 5770 बच्चों को मिजल्स के टीके लगने हैं।स्वास्थ्य विभाग का यह दावा स्वास्थ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में जिन बच्चों के टीके नहीं लग सके हैं, उन्हें चिन्हित कर टीकाकरण किया जा रहा है। जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वंचित बच्चों के टीके लगाए गए थे। अब एक बार फिर से छूटे हुए बच्चों के टीके लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों को कुछ परेशानी आ रही है। कारण है कि गांव के लोग टीके लगवाने से बचते हैं।मेवात क्षेत्र में टीकाकरण है चुनौती
मेवात क्षेत्र के लोग वैक्सीन लगवाने से बचते हैं। ऐसे में मेवात क्षेत्र में बच्चों को वैक्सीन लगाना बड़ी चुनौती है। बच्चों के जन्म के तुरंत बाद लगने वाले टीके लोग नहीं लगवा रहे हैं। हालांकि धर्म गुरुओं के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

कोरोना की वैक्सीन में लगा है स्टाफ

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अलवर सहित पूरे प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में नर्सिंग कर्मी व अन्य स्टाफ वैक्सीन लगाने के काम में लगा हुआ है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण का कामकाज प्रभावित हो रहा है। एएनएम, नर्सिंग कर्मी ग्रामीण क्षेत्र में टीके लगाने का काम करते हैं।

टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी

कोरोना की दूसरी लहर का संक्रमण कम होने पर जिले में बच्चों का टीकाकरण का कार्य तेजी से शुरू दिया है। कोरोना की दूसरी लहर में कुछ परेशानी हुई थी, लेकिन अब यह कार्य निरंतर किया जा रहा है।

डॉ. ओपी मीणा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर