
Around the needle family of doubt
अलवर.
एक ही परिवार के पांच जनों की हत्या के मामले में पुलिस की शक की सुई मृतक परिवार व उसके सगे-संबंधियों के आस-पास घूम रही है। शहर को झकझोर देने वाले इस नृशंस हत्याकांड का खुलासा पुलिस बुधवार शाम तक कर सकती है। इसके लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
इस नृशंस हत्याकांड के बाद पीडि़त परिवार में अब बुजुर्ग माता-पिता के अलावा केवल चार लोग बचे हैं। जिनमें मृतक बनवारी की पत्नी, उसका छोटा भाई मुकेश व उसकी पत्नी एवं मुकेश का छोटा बेटा विनय है। घटना के बाद जमीनी विवाद की भी चर्चा आने पर पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है। मंगलवार को घटना के बाद पुलिस ने बनवारी की फैक्ट्री में भी लोगों से पूछताछ की। साथ ही घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि अभी पुलिस को आशानुरूप सफलता नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद है कि एक-दो दिन में पुलिस हत्यारों तक पहुंच जाएगी।
दरवाजा बंद था या खुला?
पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि रात्रि में बनवारी के घर का दरवाजा बंद था या खुला? दरवाजा बंद था तो आरोपित घर के भीतर कैसे पहुंचे? आरोपितों ने घर में एक-एक कर पांच जनों की हत्या कर दी और किसी को पता नहीं चला। एेसा कैसे हो गया? जबकि परिवार की महिलाएं व एक बच्चा ऊपर के कमरे में सो रहा था। पडोसियों की भी मानंे तो शिवाजी पार्क ४ 'कÓ में मकानों की दीवार केवल एक ईंट की है। किसी के घर में यदि अदरक भी कूटी जाती है तो इसकी आवाज पडोसियों के घरों तक पहुंच जाती है। एेसे में इतने बड़े घटनाक्रम का किसी को पता कैसे नहंी चला? पुलिस को मृतकों में से एक बच्चे के हाथ पर धारदार हथियार के वार के निशान मिले। इससे पुलिस मान रही है कि बच्चे के विरोध जताने अथवा अपना बचाव करने पर हमलावर ने उसके हाथ पर वार किया। इसका भी पता परिवार के लोगों को नहीं लगा।
पुलिस ने रोटी व पानी के लिए नमूने
शिवाजी पार्क क्षेत्र में घटना के बाद पुलिस को मृतकों के समीप कपड़े व टिफिन में रखी कुछ रोटियां मिली। पास ही एक थैली में दाल रखी हुई थी। संभवतया खाना खाने के बाद बनवारी व बच्चों ने बची रोटियों व दाल को टिफिन व कपड़े में लपेट कर रख दिया। पुलिस ने घटनास्थल से रोटी-पानी के भी नमूने जुटाए। दरअसल, पुलिस को शक है कि हत्या करने से पहले हत्यारे ने सभी मृतकों को खाने या पानी में मिलाकर कुछ खिलाया। इससे वे अचेत हो गए और हत्यारे ने एक-एक कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची और कमरे की जांच की तो उन्हें एक बच्चा करवट में मृत मिला। इससे पुलिस का शक और बढ़ गया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. राहुल दीक्षित ने बताया कि घर में जो स्थिति मिली, उससे यह प्रतीत होता है कि हत्यारे एक से अधिक थे।
स्कूटी आखिर कौन ले गया?
एक-एक कर पांच जनों की हत्या के बाद हत्यारे बनवारी के घर में रखी स्कूटी को भी अपने साथ ले गए। यह स्कूटी बनवारी की थी, जो उसने इसी साल जून माह में खरीदी थी। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास के साथ-साथ स्कूटी की बरामदगी के भी प्रयास कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि स्कूटी के मिलने से हत्यारों की लोकेशन का अंदाजा लग सकेगा और उन्हें दबोचने में सहूलियत रहेगी।
दो सप्ताह बाद घटना वाले दिन घर लौटी थी संतोष
करीब 15 दिन बाद संतोष घटना से एक दिन पहले यानि सोमवार को शिवाजी पार्क स्थित अपने घर आई थी। शाम को उसने अपने आस-पास के पड़ोसियों से भी बात की। उसने पूछा था कि पानी नहीं आ रहा है? पड़ोसियों के अनुसार वह अपने बच्चों के साथ पार्क में भी घूमने गई।
वहां से रात करीब पौने दस बजे वे वापस आए। रात करीब सवा दस बजे अमन ने अपनी स्कूटी घर के भीतर रखी। दरअसल, बनवारी के घर के बाहर छोटी सीढि़यां होने के कारण स्कूटी को भीतर रखने के लिए उन्होंने लकड़ी का एक पट्टा बनवा रखा है। स्कूटी रखने के दौरान पट्टे की आवाज पर पड़ोसी बाहर निकले तो देखा अमन स्कूटी को भीतर रख रहा था। इसके बाद रात को यह हृदय विरादक घटना हो गई।
छोटे भाई को लेने भेजी टीम
पुलिस मृतक बनवारी के छोटे भाई मुकेश को लेने के लिए रवाना हो गई है। मुकेश तबला व हारमोनिया बजाता है और ज्यादातर मंडलियों के साथ घूमता रहता है। पुलिस के अनुसार मुकेश घर पर नहीं मिला, जबकि उसका मोबाइल घर पर था, जो उसके पिता के पास था। घटना के बाद मुकेश से सम्पर्क नहीं होने पर उसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना की गई। उधर, एक शक की सुई यह है कि बनवारी के घर रात को कोई परिचित आया और खाना भी साथ लाया। जिसमें नींद अथवा नशे की दवा मिली हुई थी। जिसे खाते ही सभी अचेत हो गए।
Updated on:
04 Oct 2017 05:58 pm
Published on:
04 Oct 2017 05:41 pm
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