20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video : Five murder case : पुलिस तत्परता दिखाती तो बच जाती जान, सुबह तक चल रही थी सांसें

घर के आगे लगी भीड़ में खड़े सभी के मुंह पर केवल एक ही बात कि बड़ी निर्ममता से हत्या हुई है। एेसा तो हैवान ही कर सकता है...

2 min read
Google source verification

अलवर

image

aniket soni

Oct 04, 2017

Brutal massacre in alwar

Brutal massacre in alwar







अलवर.

अलसुबह दिल दहला देने वाली घटना की खबर पूरे शहर में ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देशभर में आग की तरह फैल गई। मकान में निचले हिस्से में सो रहे पिता, तीन पुत्र तथा छोटे भाई के पुत्र की निर्मम हत्या की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। घटना के बारे में सुनते ही एक बारगी लोग सहम गए। एक-एक करके मकान के आगे लोगों की भीड़ जुट गई, जिसने भी खूनी मंजर को देखा बस भौचक्का रह गया। घटना के बीच असल वजह को तलाशने को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर दिनभर गरम रहा, लेकिन शाम तक सच्चाई की दहलीज तक न तो लोग पहुंच पा रहे थे और न ही पुलिस की जांच।

पुलिस तत्परता दिखाती तो बच जाती जान

घटना के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी विरोध जताया। लोगों का कहना था कि घटना की सूचना पुलिस को सुबह लगभग सवा छह बजे दे दी गई। इसके बावजूद भी पुलिस पौन घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। यदि पुलिस समय पर पहुंचती तो एकाध जान बच जाती। लोगों ने शहर विधायक से भी पुलिस की कार्यशैली की शिकायत कर नाराजगी जताई।

सुबह तक चल रही थी सांसें

घटना के बाद सुबह परिजनों के शोर मचाने पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक बनवारी व उसके बेटे अमन उर्फ मोहित की सांसें चल रही थीं। सबसे पहले पुलिस ने इन दोनों को गाड़ी में बिठा अस्पताल पहुुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गैलरी की खुली मिली कुंदी

शिवाजी पार्क में बनवारी अपने परिवार सहित जिस मकान में रहता था। उसमें दो दरवाजे थे। इनमें से एक दरवाजा मकान में बने एक कमरे में खुलता था, वहीं दूसरा उससे सटी गैलरी में। घटना के बाद जब छोटे भाई की पत्नी नीचे उतरी तो गैलरी के दरवाजे की कुंदी खुली हुई थी।

रात 2 बजे बाद की घटना

पुलिस का मानना है कि घटना को रात दो बजे बाद अंजाम दिया। हत्यारों की संख्या कितनी थी, इसका अंदाजा नहीं लग रहा है। वैसे पुलिस घटना में दो से तीन लोगों का शामिल होना मान रही है। पुलिस के अनुसार सामान्य तौर पर एक अकेला व्यक्ति इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकता।

स्कूल में पढ़ते थे चारों बच्चे

जानकारी के अनुसार मृतक चारों बच्चे स्कूल में पढ़ते थे। सबसे बड़ा अमन उर्फ मोहित कक्षा 11 का छात्र था और एक कोचिंग में पढऩे जाता था। हैप्पी उर्फ हिमेश व अज्जू उर्फ लेकेश आदर्श विद्या मंदिर स्कीम-4 में 9 वीं कक्षा के विद्यार्थी थे। निक्की उर्फ अखिलेश इसी स्कूल की कक्षा 7 में पढ़ता था। पड़ोसियों के अनुसार तीनों बच्चे रोजाना एक साथ बस से स्कूल जाते थे।

पढऩे में होशियार था अमन

बनवारी का बेटा अमन पढऩे में होशियार था। दसवीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने पर बनवारी ने खुश होकर उसे जून माह में स्कूटी दिलाई थी। जिसे हत्या के बाद हत्यारे अपने साथ ले गए। अमन शहर के एक निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट में कोचिंग भी कर रहा था।

पुलिस त्रिपाल में लपेट ले गई शव


घटना के बाद पुलिस मृतकों के शवों को प्लास्टिक के त्रिपाल व बोरों में लपेट सामान्य चिकित्सालय लेकर गई, जहां उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया। सबसे पहले पुलिस बनवारी व उसके एक बेटे को अस्पताल लेकर पहुंची। बाद में तीन बच्चों के शव अस्पताल पहुंचाए गए। दोपहर बाद पंाचों शवोंं का एक साथ पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।