11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

VIDEO: अलवर के इस कैफे में पुलिस की रेड, मुंह छिपाते नजर आए युवक-युवती 

अलवर कोतवाली थाना पुलिस ने स्कीम नंबर 2 स्थित एक कैफे पर छापा मारा। इस दौरान कैफे में करीब एक दर्जन युवक-युवतियां मिले। जो पुलिस को देख मुंह छिपाकर भागते नजर आए।

2 min read
Google source verification

स्कीम नंबर 2 स्थित हबीबी कैफे में पुलिस का छापा

अलवर कोतवाली थाना पुलिस ने स्कीम नंबर 2 स्थित एक कैफे पर छापा मारा। इस दौरान कैफे में करीब एक दर्जन युवक-युवतियां मिले। जो पुलिस को देख मुंह छिपाकर भागते नजर आए। पुलिस ने बताया कि इस कैफे का नाम हबीबी कैफे है। इसका संचालक रामदेव गुर्जर है। रामदेव के पिता रामजीत गुर्जर पुलिस महकमे में एएसआई हैं। रामजीत गुर्जर कुछ समय पूर्व किसी मामले में निलंबित हुए थे। इनका परिवार मूलत: भरतपुर जिले के निवासी है।


कोतवाली थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने बताया कि हबीबी कैफे में अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर दबिश की कार्रवाई करते हुए 8 युवकों को गिरतार किया गया है। इस मामले में वीरेन्द्र (30) पुत्र संत कुमार सैनी निवासी रामा वाला कुआं राजगढ़, साहिल खान (18) पुत्र इमरान खान निवासी बतल की चौकी

अजय कुमार (21) पुत्र मोहनलाल जाटव निवासी नांगल मौजिया खैरथल, सोयब खान (21) पुत्र शादात खान निवासी रायपुर खुर्द नगर थाना जालूकी, मोहित कुमार (20) पुत्र राकेश जाटव निवासी मातौर खैरथल, पंकज (20) रोशनलाल निवासी पंडित कॉलोनी अलवर, रोहिताश (23) पुत्र राजू जाटव निवासी तरोझडर डीग और अरुण सिंह वर्मा (19) पुत्र घनश्याम सिंह निवासी बहाला टोल टैक्स को गिरफ्तार किया है।

कैफे में मिली युवतियों से समझाइश कर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान कैफे संचालक मौके से फरार हो गया।

शहर के अन्य कैफे भी जांच के घेरे में

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर के अलग-अलग स्थानों पर चल रहे कैफे भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर संबंधित कैफे पर कार्रवाई की जाएगी।

घंटे के हिसाब से वसूलते हैं पैसा

शहर के कुछ कैफे अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बने हुए हैं। इनमें घंटे के हिसाब से युवक-युवतियों से पैसा वसूला जाता है। शहर में पिछले कुछ समय में कई कैफे खुले हैं। इनमें से कुछ ही कैफे ईमानदारी से चल रहे हैं।