दृष्टि एवं बहु दिव्यांगता से ग्रस्ति बालक बालिकाओं के जीवन को सफल बनाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान का शुभारंभ मंगलवार को मालाखेड़ा में हुआ। मानसिक, शारीरिक व नेत्र से कमजोर नौनिहालों का उपचार कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा डॉक्टर ऑफ चैरिटी आई हॉस्पिटल की ओर से नवाचार शुरू किया गया है।
कई महीने से मालाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर टीम ने दृष्टि दिव्यांग और बहु दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों का सर्वे कर सूची तैयार की है। मालाखेड़ा उपखंड में करीब छह दर्जन से अधिक बालक-बालिका प्रथम चरण में चिह्नित किए गए है। जहां पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित, बालकों को खेल पद्धति से अध्यापन का कार्य शुरू कराया जाएगा।
समग्र शिक्षा के आधार पर सर्वे के अनुसार जांच, पहचान, परिवार से परामर्श और उनका समर्थन तथा अस्पताल में रेफर कर उनका इलाज, शिक्षा और सामुदायिक समावेश कर नौनिहालों को सशक्त बनाना ही इस नवाचार का उद्देश्य है। प्रशासक योगेश कुमार, चरण मैसी के निर्देशन में संस्थान के समुंदर सिंह, कुंवर सिंह व समस्त स्टाफ 6 महीने से सर्वे में लगे हुए हैं। प्रशासक योगेश कुमार ने बताया कि दिव्यांगजन के पिछड़ेपन को दूर करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है। सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें समग्र शिक्षा से जोड़ने का सेवा कार्य करेंगे।