
खेलों में न उम्र उनको रोक पा रही। न शारीरिक रूप से मिल रहे कष्टों से हार मान रहे। 90 साल की उम्र में 100 से 1500 मीटर दौड़ में हाथ आजमा रहे हैं। हरियाणा के झज्जर निवासी तेज सिंह का 1998 में थ्रेसर में एक हाथ कट गया था।
इसी तरह गुजरात के हिम्म्त सिंह का दस साल की उम्र में हाथ कटने के बावजूद लगातार खेलों में हाथ आजमा रहे हैं। खेलों में भाग लेने के पीछे उनकी कोई बड़े पुरस्कार हासिल करने की लालसा नहीं है बल्कि नई पीढ़ी को खेलों का महत्व समझाना है। ताकि अधिक से अधिक खेलों में रुचि बने।
अलवर शहर के राजर्षि कॉलेज मैदान पर करीब एक दर्जन राज्यों के खिलाड़ी युवरानी महेन्द्रा कुमारी की पुण्यतिथि पर आयोजित राष्ट्रीय ओपन खेलकूद प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। जिनको देखने के बाद हर कोई दंग रह जाता है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने किया। गर्मी को देखते हुए जितेन्द्र सिंह ने आगामी साल से यह कार्यक्रम फरवरी माह में करने का सुझाव दिया। जिसे कमेटी में मान लिया। कार्यक्रम की संयोजक जीतकौर सांगवान ने कहा कि आगामी कुछ सालों में वे अलग से स्टेडियम बनाने की योजना बना रहे हैं।
90 साल के रघुवीर
इस प्रतियोगिता में हरियाणा के गणियान गांव के रघुवीर 90 साल के हैं। सौ मीटर व 200 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। पहले दिन ही उन्होंने दोनों प्रतियोगिताओं में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वे पुड्डूचेरी, जयपुर व गोवा तक ओपन खेलों में भाग ले रहे हैं। लेकिन उम्र से हार नहीं मान रहे हैं। अब तक कई राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं।
तीन पौते के साथ आए रामकिशन
हरियाणा के रामकिशन अपने तीन पौतों के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने आए हैं। वे 11 मैडल जीत चुके हैं। 60 साल से अधिक उम्र में 100 मीटर व 200 मीटर में प्रथम आए हैं। दिल्ली की पुष्पा शर्मा भी हर साल डिस्कस थ्रॉ में भाग लेने आती हैं। नागपुर के दिवाकर 72 साल की उम्र में हर दिन 10 से 15 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं।
Published on:
26 Jun 2017 06:51 pm
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