
रेणी. अलवर जिले के अन्तिम छोर पर स्थित रेणी क्षेत्र परिवहन की दृष्टि से पिछड़ता जा रहा है। रैणी तहसील का एकमात्र बड़ा रेलवे स्टेशन करणपुरा है, जहां से बांदीकुई-आगरा रेल लाइन गुजर रही है, पर लम्बी दूरी की एवं द्रुतगामी ट्रेनों के नहीं रुकने के कारण स्टेशन पर सूनापन छाया रहता है।
रैणी कस्बे से महज पांच किलोमीटर दूरी पर स्थित करणपुरा स्टेशन पर केवल चार ट्रेनों का ही ठहराव है, जो कि पैसेन्जर व शटल श्रेणी की है। स्टेशन पर ट्रेनों के नहीं रुकने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोग प्रदेश व देश की राजधानी में रोजगार के लिए जाते है। रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोग दौसा क्षेत्र के मण्डावर से ट्रेन पकड़ते हैं, अब स्थानीय लोगों को अलवर सांसद से आस जगी है।
रामपुरा निवासी हरिमोहन मीणा, शम्पू जैमन आदि का कहना है कि रेणी तहसील क्षेत्र का एकमात्र बड़ा रेलवे स्टेशन करणपुरा पर ज्यादा ट्रेनों के नहीं रुकने से वह सुनसान पड़ा रहता है। रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों के अभाव में हजारों की संख्या में क्षेत्र के नौकरी पेशा लोग, श्रमिक व छात्रों को दूर जाकर ट्रेन पकड़नीपड़ती है, जिससे उन्हें आर्थिक व समय दोनों की हानि होती है। स्टेशन से दर्जन भर द्रुतगामी ट्रेनें निकलती है। यदि इन गाडियों में से अजमेर आगरा इंटरसिटी व मरूधर एक्सप्रेस रुकने लग जाए, तो रैणी तहसील क्षेत्र के लोगों को रेल की सुविधा तो मिलेगी। साथ ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। विद्यार्थियों व मजदूरी करने के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी आर्थिक हानि से निजात मिलेगी। दोनों गाड़ियों के ठहराव से देश का कोई सा भी कौना क्षेत्रवासियों से दूर नहीं होगा।
एडवोकेट सत्येंद्र सैदावत का कहना है कि स्टेशन पर कम से कम इंटरसिटी व मरूधर एक्सप्रेस के ठहराव से क्षेत्र के लोगों को परिवहन की सुविधा मिलेगी। इन गाड़ियों के ठहराव के लिए रेलवे के अधिकारियों से मिलकर गाड़ी ठहराव के प्रयास किए जाएंगे। परबेनी निवासी प्रकाश बोहरा का कहना है कि रैणी कस्बा व आसपास के लोग नौकरी व रोजगार के लिए अपने गांवों से बाहर जाते हैं। यदि कुछ द्रुतगामी गाडियां रुकती है तो क्षेत्र के हर वर्ग के व्यक्ति को फायदा मिलेगा। सरकार को इस और ध्यान देना चाहिए व क्षेत्र के लोगों को इस विकट समस्या से निजात दिलानी चाहिए। करणपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जिससे लोगों को बाहर जाना भी नहीं पड़ेगा। द्रुतगामी गाड़ियों के ठहराव से राहगीरों का आना जाना होगा। सुविधाएं बढ़ेंगी। स्थानीय लोग अपने स्तर पर रोजमर्रा के धंधे खोलेंगे।
ठहराव हो तो रेलवे व यात्रियों दोनाें का फायदा गाड़ियों के रुकने से क्षेत्र के लोगों को रेल यात्रा की सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही रेलवे को भी फायदा होगा। अभी केवल सैकड़ों लोग पैसेंजर व शटल गाड़ियों में यात्रा करते हैं। द्रुतगामी गाड़ियों के रुकने से यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी।
बीएस मीणा, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, करणपुरा।
Published on:
05 Jul 2024 12:42 am
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