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अलवर के 60 फुट रोड पर हुआ पथराव, जीप में लगाई आग, कुछ ऐसे रहे हालात

अलवर के 60 फीट रोड पर बंद सर्मथकों ने घरों में तोडफ़ोड़ की व पुलिस व निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

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अलवर

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Prem Pathak

Apr 03, 2018

VIOLENCE AT 60 FEET ROAD IN ALWAR

अलवर. बंद समर्थकों ने एनईबी साठ फुट रोड पर जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने साठ फुट रोड स्थित एक मकान मेें जमकर तोडफ़ोड़ की। मकान के शीशे तोड़ दिए। उसमें रहने वाले लोगों को लाठी-डंडों से पीटा। मकान के अंदर व बाहर खड़े वाहनों में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस को भी बंद समर्थकों ने नहीं बख्शा। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी जमकर लाठियां बरसाई। पुलिस की जीप को आग लगा दी। स्थिति ये थी कि पुलिस को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा। बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्याम सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम राकेश गढ़वाल पुलिस व क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

हुआ यूं कि बंद के दौरान साठ फुट रोड पर बंद समर्थकों को दीपक डेयरी के नाम से एक दुकान खुली मिली। जिसे बंद कराने के दौरान उनकी दुकान मालिक से तकरार हो गई, जिसने कुछ ही देर में बड़ा रूप ले लिया। बंद समर्थकों ने डेयरी संचालक के घर जमकर पथराव व तोडफ़ोड़ की। मामले में पुलिस के कुछ बंद समर्थकों को हिरासत में लेने से मामला बिगड़ गया। कुछ देर बाद बड़ी संख्या में बंद समर्थक मौके पर पहुंचे। पहले उन्होंने एक पुलिसकर्मी को जमकर पीटा।

पुलिसकर्मी के गोलियां चला जान बचाकर निकलने पर उन्होंने मौके पर खड़ी पुलिस की एक जीप को घेर लिया और उसके चालक की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। चालक के जीप छोडकऱ भागने पर उग्र बंद समर्थकों ने पुलिस जीप को आग लगा दी। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने घर के बाहर खड़ी डेयरी संचालक की एक स्कार्पियो को भी आग के हवाले कर दिया।

अस्पताल में धरने पर बैठे लोग, शव लेने से इनकार

अलवर. बंद के दौरान खैरथल में एक युवक पवन कुमार की मौत के बाद मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर दिया। सभी लोग सामान्य चिकित्सालय में धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि सरकार मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व बंद समर्थकों पर दर्ज मुकदमें वापस ले, तभी वे शव को लेकर जाएंगे। देर रात तक प्रशासन के उनकी मांग नहीं मानने पर अस्पताल में मृतक के परिजनों व ग्रामीणों का धरना जारी रहा।