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वोट अंतर एक फीसदी से कम, अलवर जिले में कांग्रेस-भाजपा की डगर नहीं आसान

अलवर जिले में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में डगर आसान नहीं है। यहां के मतदाताओं का रूख भापना दोनों की दलों के लिए मुश्किल है। हाल ही में हुए पंचायतीराज के कुछ उपचुनावों में आए परिणामों ने भी दोनों ही दलों को एक-एक सीट देकर मतदाओं के रूझान का स्पष्ट पता नहीं चलने दिया।

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विधानसभा चुनाव

विधानसभा चुनाव

अलवर जिले में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में डगर आसान नहीं है। यहां के मतदाताओं का रूख भापना दोनों की दलों के लिए मुश्किल है। हाल ही में हुए पंचायतीराज के कुछ उपचुनावों में आए परिणामों ने भी दोनों ही दलों को एक-एक सीट देकर मतदाओं के रूझान का स्पष्ट पता नहीं चलने दिया।


अलवर. प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है, लेकिन अलवर एवं प्रदेश में कांग्रेस व भाजपा के बीच वोटों का अंतर ज्यादा नहीं रहने से दोनों ही दल जीत की रणनीति बनाने में जुटे हैं। गत विधानसभा चुनाव में अलवर जिले की 11 सीटों के चुनाव परिणाम में वोटों का अंतर 0.63 फीसदी ही रहा और मात्र 11689 वोटों के अंतर के चलते कांग्रेस भाजपा से दोगुनी से ज्यादा सीट जीतने में कामयाब रही। कांग्रेस को पांच व भाजपा को दो सीटें ही मिली।


आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा एक-दूसरे को मात देने की रणनीति बनाने में जुटी है। पिछले चुनाव के परिणाम को देखते हुए दोनों ही दल जीत के बड़े अंतर की रणनीति बनाने में जुटे हैं। कारण है कि गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भले ही सीटों के मामले में बाजी मारी हो, लेकिन वोट हासिल करने के मामले में भाजपा भी कांग्रेस से ज्यादा पीछे नहीं रही। विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों में 602743 वोट लेकर पांच सीटें जीती। वहीं भाजपा 591054 वोट हासिल करने के बाद भी दो सीटों पर सिमट गई। इन चुनाव में कांग्रेस को 32.53 प्रतिशत वोट मिले, वहीं भाजपा को 31.90 फीसदी वोट मिल पाए। दोनों दलों के बीच 11689 वोटों का अंतर रहा।


राजनीतिक ²ष्टि से महत्वपूर्ण है अलवर
अलवर जिला भले ही विकास की दौड़ में प्रदेश के अन्य जिलों से पिछड़ा हो, लेकिन राजनीतिक ²ष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। कारण है कि वर्तमान अलवर जिले में 11 विधानसभा क्षेत्र हैं, एक ही दल को बहुतायत में सीटें मिलने से उस दल की सत्ता की डगर प्रदेश में आसान हो जाती है। वैसे भी अलवर पूर्वी राजस्थान का ङ्क्षसहद्वार कहलाता है और प्रदेश की सत्ता का गलियारा इसी पूर्वी राजस्थान से होकर निकलता है।

दोनो ही दलों के लिए चुनौती कम नहीं
आगामी विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस व भाजपा के लिए चुनौतियां कम नहीं है। कारण है कि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर ज्यादा नहीं रहा था। आगामी विधानसभा चुनाव में वोटों का गणित पिछले चुनाव जैसा रहा तो राजनीतिक परि²श्य में बड़ा बदलाव भी संभव है। कारण है एक फीसदी से कम वोटों के अंतर को पाटना किसी भी दल के लिए मुश्किल नहीं होता।

बसपा ने लिए 15 फीसदी से ज्यादा मत
गत विधानसभा चुनाव में बसपा भी अलवर जिले में निर्णायक फैक्टर बनकर उभरी। बसपा ने जिले में 15.71 प्रतिशत वोट हासिल कर दो सीटों पर जीत दर्ज कराई। बसपा को जिले में 291176 वोट मिले। वहीं अन्य दलों को 91241 वोट मिले। उधर, निर्दलीय 264498 लेने में कामयाब रहे। नोटा पर 11577 वोट पड़े।

विधानसभा चुनाव 2018
अलवर जिला कुल वोट 2469021
अलवर जिला कुल मत पड़े 1853027
भाजपा को मिले मत 591054
कांग्रेस को मिले मत 602743
बसपा को मिले मत 291176
भाजपा वोट प्रतिशत 31.90
कांग्रेस वोट प्रतिशत 32.53
बसपा वोट प्रतिशत 15.71