
रामगढ़. अलावडा में पिछले करीब पांच वर्षों से लोगों की समस्या नासूर बनती जा रही है। इसका प्रमुख कारण भूजल स्तर में गिरावट व लोगों में पानी के प्रति जागरुकता की कमी है। इसके चलते अलावड़ा क्षेत्र के अधिकांश नलकूप सूख चुके हैं। जो नलकूप संचालित हैं उनमें भी दिन-प्रतिदिन पीने के पानी की आपूर्ति घटती ही जा रही है। ऐसे में ग्राम की पानी की सप्लाई सुचारु रखना विभागीय अधिकारियों के लिए मुश्किल हो जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले ग्राम व क्षेत्र के आस-पास में पचास फीट पर पानी मुहैया हो जाता था। वहां अब पानी करीब आठ सौ फीट से भी अधिक गहराई तक पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। जिससे अब लोगों को पानी की सप्लाई विभाग ने दस से पन्द्रह दिनों में एक बार ही मिल पा रहा है। जो भी मात्र आधा घण्टे के लिए। वहीं ग्रामीणों को जलदाय विभाग के वाल्वमेनों से मोबाइल से बात कर गांव में होने वाली पेयजल सप्लाई के बारे में जानकारी करनी पडती है। इधर, क्षेत्र में बढ़ती पेयजल समस्या को देखते हुए विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक ऐसी कोई भी योजना तैयार नहीं की गई है। जिससे पेयजल समस्या से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने पानी की समस्या का हल की मांग की है।
ग्रामीण कर चुके आंदोलन
क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया है, लेकिन पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने पर लोगों ने पानी के टैंकर मंगाने शुरु कर दिए है। इधर, कनिष्ठ अभियन्ता मोहरसिंह मीणा का कहना है कि अलावड़ा ग्राम की पेयजल समस्या बडी गम्भीर है इसका प्रपोजल बनाकर जयपुर भेजा हुआ है मंजूरी मिलते ही बोरवैल कराए जाएगें। व समस्या का कुछ हद तक समाधान करने की कोशिश की जा रही है।
Published on:
26 Feb 2018 07:00 am
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