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अलवर शहर के हर वार्ड में गहराया पानी का संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, रोजाना 2 लाख लीटर कम पानी मिल रहा

अलवर शहर में पानी का जबरदस्त संकट हो गया है। कहीं पर भी पूरा पानी नहीं मिल पा रहा।
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अलवर

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Lubhavan Joshi

•

Updated: 23 Jun 2021, 1:35 PM IST

Water Problem In Alwar: Alwar People Not Getting Sufficient Water

अलवर शहर के हर वार्ड में गहराया पानी का संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, रोजाना 2 लाख लीटर कम पानी मिल रहा

अलवर. शहर में पानी को लेकर त्राहिमाम् मचा हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों की मनमर्जी और लापरवाही के कारण शहरवासियों को रोजाना करीब 2 लाख लीटर पानी कम मिल रहा है। ऐसे में शहर का शायद ही कोई ऐसा वार्ड या मोहल्ला होगा, जहां पानी का संकट न हो। ज्यादातर इलाकों में हालात यह हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पानी को लेकर जनता ही नहीं जनप्रतिनिधि भी सडक़ों पर धरना-प्रदर्शन पर उतर आए हैं।

जलदाय विभाग की ओर से शहर में करीब 4 लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति के लिए करीब 50 हजार पेयजल कनेक्शन दिए हुए हैं। एनसीआर के नियमानुसार अलवर शहर में जनता को रोजाना करीब 525 लाख लीटर पानी दिया जाना चाहिए, लेकिन जलदाय विभाग का दावा रोजाना करीब 325 से 330 लाख लीटर पानी की पूर्ति की जा रही है। इस हिसाब से शहर में रोजाना करीब 200 लाख लीटर पानी कम दिया जा रहा है। जिसके कारण शहर के अधिकांश वार्डों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी में लोग पानी को लेकर त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।

प्रति व्यक्ति के हिसाब से 70 लीटर ही पानी दे रहे

नियमानुसार शहर में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी मिलना चाहिए। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में प्रति व्यक्ति के हिसाब से 70 लीटर पानी की सप्लाई दी जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि शहर में हर व्यक्ति को 70 पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है। शहर के कई इलाके तो ऐसे हैं जहां पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है।

एनसीआर योजना 145 करोड़ खर्च, फिर भी प्यासे

शहरी पेयजल व्यवस्था पर एनसीआर योजना के तहत वर्ष-2017 में अलवर शहर की पेजयल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 145 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ। जिसमें शहर में 18 पम्प हाउस का निर्माण कराया गया। शहर के विभिन्न इलाकों में 16 पानी की टंकियां बनवाई गई। पुरानी भूमिगत पेजयल पाइप लाइनों की जगह पूरे शहर में नई पाइप लाइन डाली गई, लेकिन घटिया निर्माण के चलते शहर की कई नई टंकियां लीकेज हैं। उनमें पानी का स्टोरेज नहीं हो पा रहा है। पम्प हाउसों में काफी ट्यूबवेल सूख चुके हैं या फिर उनके पानी का फ्लो कम हो गया है।

कहीं पानी की चोरी तो कहीं बर्बादी

एनसीआर शहर के कई इलाकों में भूमिगत पेजयल लाइन नहीं डाली गई। जिसके कारण शहर में आज भी कई जगह पाइप लाइनें लीकेज हैं और उनमें हजारों अवैध कनेक्शन हो रखे हैं। एक घर में कई-कई अवैध कनेक्शन हो रहे हैं तथा कई लोग राइजिंग लाइन तक से अवैध कनेक्शन कर पानी की चोरी कर रहे हैं। वहीं, कई जगह पाइप लाइनों में लीकेज के कारण रोजाना लाखों लीटर पानी सडक़ों पर व्यर्थ बह रहा है।

35 फीसदी बोरिंगों में पानी का उत्पादन घटा

अलवर शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए जलदाय विभाग के करीब 290 थ्री-फेज बोरिंग तथा नगर परिषद के करीब 120 सिंगल फेज बोरिंग हैं। इस गर्मी में इनमें से करीब 35 फीसदी बोरिंग ऐसे हैं। जिनमें पानी का उत्पादन घटकर 40 से 70 फीसदी रह गया। वहीं, इनमें से काफी बोरिंग सूख भी चुके हैं।

सप्लाई में भेदभाव

शहर के कई इलाकों में जलदाय विभाग के पम्प ड्राइवर पेयजल सप्लाई देने में भेदभाव कर रहे हैं। वहीं, जलदाय विभाग की ओर से पेयजल सप्लाई के लिए वार्डों में भेजे जा रहे टैंकरों पर पानी को लेकर मारामारी मची हुई है।

व्यवस्था को सुधारने का प्रयास

गर्मी में ट्यूबवेलों में पानी का उत्पादन कम होने से अलवर शहर में पानी का संकट गहराया हुआ है। शहर की पेयजल व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत पानी का उत्पादन बढ़ाने तथा पानी की चोरी और लीकेज को रोकने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। शनिवार को ही तूलेड़ा राइजिंग लाइन से एक अवैध कनेक्शन काटा गया, जिसमें आगे करीब 125 अवैध कनेक्शन हो रखे थे। असमान पेयजल वितरण व्यवस्था को भी सुधारा जाएगा। पेजयल वितरण व्यवस्था में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
- सुनील गर्ग, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, अलवर।