
अब राहत की बारिश हो रही है। किसान खरीफ की फसलों की तैयारी में जुट गए हैं।
करीब एक साल में हुई बारिश ने किसानों को आफत में डाला लेकिन अब राहत की बारिश हो रही है। किसान खरीफ की फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। खरीफ की फसलें पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर होती हैं। इस मौसम में ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, ग्वार, अरहर, कपास आदि फसलें होती हैं।
खरीफ फसलों का लक्ष्य नहीं आया : सरकार की ओर से हर साल खरीफ की फसलों के लिए रकबे से लेकर उत्पादन तक का लक्ष्य मिलता है लेकिन इस बार सरकार की ओर से नहीं भेजा गया है। हालांकि बारिश इस बार पहले हुई है जबकि ये फसलें कुछ लेट बुवाई के लिए तैयार होती हैं। उम्मीद है कि इसी माह के आखिर तक रकबे का लक्ष्य मिल जाएगा।
नकली बीजों की हो रही निगरानी: सरकार की ओर से भले ही बीज आदि किट नहीं आई हों लेकिन किसानों की तैयारियों को देखते हुए कृषि विभाग अपनी तैयारियों में भी जुटा हुआ है। अधिकारी नकली बीजों की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान न उठाना पड़े। निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
पिछले साल का आंकड़ा
जिले में पिछले साल खरीफ की फसल में बाजरा 3 लाख 27 हजार हेक्टेयर, ज्वार 20 हजार हेक्टेयर, मक्का 1500 हेक्टेयर, अरहर 4 हजार हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। सरकार ने यही लक्ष्य तय किया था। इस बार भी लक्ष्य इसी के आसपास रहने की संभावनाएं हैं।
खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
जिले में खरीफ की फसल के लिए खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान अच्छी बारिश आने पर ही बीज की बुवाई करें अन्यथा हल्की बारिश में बीज अंकुरित नहीं हो पाएगा। क्योंकि हल्की बारिश की नमी अधिक समय के लिए नहीं रहती।
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बिक्री भी प्रारंभ
खरीफ की फसल के लिए खेत तैयार किए जा रहे हैं। इसी के साथ खाद व बीजों की बिक्री भी शुरू हो गई है। हालांकि सरकार की ओर से जो अनुदान पर बीज किट आदि दी जानी हैं उनका किसान इंतजार कर रहे हैं। इस साल 500 किट ज्वार व 400 किट अरहर की आनी हैं।
सूरजभान शर्मा, कार्यवाहक संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग
Published on:
29 May 2023 12:55 pm
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