
Falahari Baba Parole
अलवर। राजस्थान की अलवर जेल में शिष्या से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा फलाहारी बाबा (Falahari Baba) 7 साल बाद 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ गया। सात साल पहले यानी 2017 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की एक लड़की ने फलाहारी बाबा उर्फ संत कौशलेंद्र के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। जांच में दोषी पाए जाने पर अलवर कोर्ट ने सितंबर 2018 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस वक्त बाबा की उम्र 58 साल थी। 7 साल बाद पहली बार उसे 20 दिन की पैरोल मिली है।
फलाहारी बाबा का पूरा नाम जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है। मूल रूप से वे यूपी के कौशांबी निवासी हैं। 1990 के दशक में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और अलवर, राजस्थान आ गए। राजस्थान के अलवर में इनका वेंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है, जहां के ये प्रमुख थे। फलाहारी बाबा संस्कृत का जानकार माना जाता है । फलाहारी बाबा शादीशुदा है और उसकी एक बेटी है। कहा जाता है कि फलाहारी बाबा 20 साल की उम्र के बाद भोजन के रूप में केवल फल ही खाता है। बाबा के रिश्ते कई राजनीतिक दलों से भी बताए जाते हैं।
सितंबर 2017 में पीड़िता ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के महिला थाने में बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें यौन शोषण के आरोप लागाए। जिसके बाद बाबा को पहली बार सितंबर 2017 को अलवर से गिरफ्तार किया गया। जांच के बाद सितंबर 2018 में उन्हें कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में कहा कि गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे हिम्मत मिली और उसने मामले की शिकायत पुलिस में करने का फैसला किया।
Updated on:
27 Apr 2024 06:09 pm
Published on:
27 Apr 2024 05:51 pm
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