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सरिस्का बाघ परियोजना में वन्यजीवों की गणना शुरू

वर्ष में दो बार होती है गणना

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अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में वन्यजीव गणना को लेकर वन विभाग के कर्मचारी रविवार सुबह 6 बजे अपनी-अपनी बीटों में पहुंचकर गणना करने में जुट गए। गणना दो चरणों में की जाएगी। जिसमें पहले 21 से 24 मई तक एनटीसीए की ओर से निर्धारित फेज फोर्थ प्रोटोकॉल के तहत होगी। सरिस्का बाघ परियोजना में वर्ष में दो बार वन्य जीव गणना की जाती है। जिसमें शीतकालीन वन्यजीव गणना और ग्रीष्मकालीन वन्यजीव गणना होती है।
बाघ परियोजना सरिस्का में वन्यजीवों की गणना मोबाइल इकोलॉजिकल एप से की जाती है। जिसमें ट्रांजेस्ट लाइन सर्वे कैमरा ट्रैप पद्धति से बाघ परियोजना सरिस्का की सभी 102 बीटों में गणना प्रारंभ की गई है। फेज फोर प्रोटोकॉल के तहत बाघ/ बघेरा एवं अन्य मांस भक्षियों के चिन्हों का सर्वे होगा। मांस भक्षियों के लिए ट्रैक प्लॉट््स (पीआईपी) एवं गिद्ध सर्वे की जा रही है। जिसमें सरिस्का कर्मचारी और होमगार्ड बॉर्डर होमगार्ड गणना कर रहे हैं।
तारूंडा क्षेत्र में टाइगर एसटी 15 की प्रत्यक्ष गणना हुई। गणना में पग मार्क स्केट प्रत्यक्ष दर्शन खरोच स्प्रे आदि रहता है। आगे दूसरे चरण में 25 से 28 मई तक सुबह ट्रांजैक्ट लाइन( प्रथम) बाद दोपहर ट्रांजेक्ट लाइन दित्तीय पर वन्य जीव एवं मवेशियों की गणना वनस्पति का सर्वेक्षण, मानवीय व्यवधान, भूमि अच्छादन का सर्वेक्षण, वन्य प्राणियों एवं मवेशियों की लेंडी एवं गोबर का सर्वेक्षण किया जाएगा।