10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अचानक वेबसाइट बंद, लोगों की राशि अटकी, जानिए पूरी खबर

डेढ़ माह से लाभार्थी पंचायत समिति में लगा रहे चक्कर

2 min read
Google source verification
Withholding of website closure of beneficiary toilets

अलवर. क्षेत्र के लोग शैचालय निर्माण के भुगतान के लिए पिछले डेढ़ माह से पंचायत समिति के चक्कर लगा रहे है। डेढ़ माह से वेबसाइट बंद होने से लाभार्थियों की शौचालय की राशि अटकी हुई है। मिली जानकारी के अुनसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए गांवों में शौचालय निर्माण कराया गया है। इसके लिए ब्लॉक टीम की ओर से ओडीएफ घोषित करवाने के लिए शीघ्र शौचालय निर्माण करवा दिया गया। अभियान के तहत क्षेत्र की सभी 40 ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो चुकी है। लेकिन साइट बंद होने से घरों में शौचालय का निर्माण करवाने वाले करीब 14 हजार लाभार्थियों का भुगतान करीब डेढ़ माह से अटका हुआ है। अभियान के तहत शौचालय बनाने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से प्रति शौचालय 12 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। लोगों ने जैसे- तैसे शौचालय का निर्माण तो करा लिया, लेकिन करीब डेढ़ माह से विभाग की साइट बंद होने से भुगतान नहीं हो पा रहा है। लाभार्थी भुगतान के लिए पंचायत समिति में चक्कर लगा रहे है। वहीं ग्राम पंचायत व पंचायत समिति से उनको कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है।

यह है पात्रता श्रेणी

शौचालय निर्माण के लिए पात्र परिवारों की सूची में एससी,एसटी, बीपीएल, भूमिहीन व्यक्ति, एकल महिला परिवार व लघु व सीमांत कृषकों को शौचालय का निर्माण कराने पर 12 हजार रुपए का भुगतान प्रावधान है। ब्लॉक क्षेत्र में 40 ग्राम पंचायतें है। सभी ग्राम पंचायत 31 दिसम्बर तक ओडीएफ खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है। ओडीएफ के तहत अब तक13746 लाभार्थीयों को भुगतान हो चुका है तथा करीब 14 हजार लाभार्थियों का भुगतान बचा हुआ है।

यह है भुगतान प्रक्रिया
पीईओ जगदीश यादव ने बताया कि शौचालय का निर्माण कराने वाला व्यक्ति फोटो सहित सूचना ग्राम पंचायत को देता है। ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव मौके पर जाकर जांच करते हंै। शौचालय का निर्माण पाए जाने पर प्रमाणित कर इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जारी किया जाता है। पंचायत समिति कार्यालय में यूसी के अलावा शौचालय का निर्माण कराने वाले पात्र व्यक्ति के आधार कार्ड सहित बैंक डिटेल अपलोड की जाती है। इसके बाद जिला मुख्यालय से संबंधित के खाते में 12 हजार रुपए स्थानांतरित हो जाते है। उधर, डाटा एंट्री ऑपरेटर हनुमान सैनी ने बताया कि पिछेल डेढ़ माह से फोटो व अन्य अपलोड करने वाली साइट बंद होने से दस्तावेज अपलोड नहीं हो पा रहे है ओर भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।

इनका कहना है
शौचालय भुगतान के लिए केन्द्र सरकार की साइट करीब डेढ़ माह से बंद होने से लोगों को भुगतान रूका हुआ है। इस बारें में संबंधित अधिकारियों से सम्पर्क किया है। उन्होनें साइट के शीघ्र खुलने की बात कही है। साइट खुलते ही शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।
विजेन्द्र यादव, विकास अधिकारी ,बानसूर