
आपदा प्रबंधन की कमान संभालने में महिलाएं आगे
अलवर. आपदा प्रबंधन जैसे जोखिम भरे कार्य करने में महिलाएं पीछे नहीं है। आपदा प्रबंधन के चल रहे प्रशिक्षण में 110 महिलाएं भी प्रशिक्षण ले रही हैं। राज्य सरकार की ओर से आपदाओं का समाने करने के लिए सभी जिलों में आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में युवाओं के साथ युवतियां भी आपदा प्रबंधन के गुर सीख रही हैं। वैसे भी महिलाएं अब सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा में भूमिका निभा रही हैं।
जरूरत पडऩे पर बुलाते हैं
आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने के बाद जब सरकार को आवश्यकता होगी तब इन्हें बुलाया जाएगा। आपदा आने पर आपदा मित्र एसडीआरफ टीम के साथ अपनी भागीदारी देंगे। यह प्रशिक्षण एसडीआरफ कमांडेड राजकुमार गुप्ता के निर्देशन में चल रहा है।
इन आपदाओं में लेगे भाग
जिले में जब आपदा आती है तो सबसे पहले आपदा प्रबंधन विभाग को याद किया जाता है। आपदा मित्र बाढ़, भूकंप, आग लगने, सीपीआर, भवन ढहने पर व बड़ी दुर्घटना होने पर बचाव कार्य में भूमिका निभाते हैं।
इन्होंने लिया प्रशिक्षण
आपदा मित्र के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा कौशल और फायर सेफ्टी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण लेने वालों में 18 से लेकर 40 साल तक प्रशिक्षार्थी शामिल हैं। प्रबंधन का जिले में 500 आपदा मित्र प्रशिक्षण ले रहे हैं।
110 युवतियां ले रही है प्रशिक्षण में भाग
जिले में आपदा मित्रों का प्रशिक्षण नजर बगीची में चल रहा है। प्रशिक्षण में जिले की सभी तहसीलों से 110 युवतियां भाग ले रही हैं। सरकार ने सभी जिलों में आपदा से निपटने के लिए नए आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। आपदा मित्र के लिए एक जिले से अधिकतम 500 अभ्यर्थियों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता है। एसडीआरफ प्लाटून कमांडर रमेश चंद डबरियां ने बताया कि आपदा मित्रों में से अब तक 393 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 107 आपदा मित्रों का सोमवार से प्रशिक्षण शुरू हुआ है, जो 21 जनवरी तक चलेगा।
Published on:
10 Jan 2023 01:43 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
