
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/अलवर। यात्रियों की सुविधा के लिए अलवर जंक्शन पर गेट नम्बर-दो बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन कई अड़चनों के चलते गेट नम्बर-दो का काम अधूरा पड़ा है। रेलवे प्रशासन इन अड़चनों को दूर कर काम को गति नहीं दे पा रहा है। जिसके चलते यात्रियों का जंक्शन पर गेट नम्बर दो का इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा।
अलवर जंक्शन पर रेल सुविधाओं का विस्तार करते हुए रेलवे की ओर से तीन प्लेटफार्म बनाए गए हैं, लेकिन जंक्शन पर एंट्री के एक ही मुख्य गेट है, जो कि प्लेटफार्म नम्बर एक पर है। प्लेटफार्म नम्बर दो व तीन के यात्रियों के लिए जंक्शन के प्लेटफार्म नम्बर तीन के समीप गेट नम्बर-दो बनाया जाना प्रस्तावित है। रेलवे की ओर से इसका काम भी शुरू करा दिया गया था। गेट नम्बर-दो के बीच में आ रही पार्किंग को वहां से हटाकर दिल्ली की तरफ आगे शिफ्ट किया जाना था, ताकि गेट नम्बर-दो का पूरा स्ट्रक्चर तैयार किया जा सके, लेकिन रेलवे ने इस काम को अधूरा ही छोड़ दिया है। पिछले कई महीनों से गेट नम्बर-दो का काम अटका पड़ा है। रेलवे की ओर से पार्किंग को भी शिफ्ट नहीं किया जा रहा है, जिससे कि गेट नम्बर-दो का काम शुरू हो सके।
अमृत भारत स्टेशन योजना से फंसा पेंच : अमृत भारत स्टेशन योजना ने अलवर जंक्शन के विकास पर ब्रेक लगा दिया है। इस योजना के तहत अलवर जंक्शन पर 20.61 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य कराए जाएंगे। अलवर जंक्शन पर गेट नम्बर-दो का काम पहले से ही चल रहा था।
अभी नहीं हुए टेंडर
उधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अभी टेंडर नहीं हो सके हैं, जिसके चलते काम शुरू नहीं हो सका है।
हो रही असुविधा
अलवर जंक्शन से रोजाना 70 से ज्यादा यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। जिनमें यहां से करीब 8 से 10 हजार यात्री सफर करते हैं। इनमें से आधी ट्रेन प्लेटफार्म नम्बर व तीन पर आती है। वहीं, शहर की आबादी भी रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ रहती है। जंक्शन का गेट नम्बर-दो नहीं बनने से हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
Published on:
29 Sept 2023 11:23 am

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