
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अलवर में हुए कई कार्यक्रम, युवाओं को दिया नशा छोडऩे का संदेश
अलवर. विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को विभिन्न संस्थानों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरुक किया गया। पटेल हॉस्पिटल की ओर से कम्पनी बाग में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर चिकित्सा शिविर आयोजित किया। शिविर में लगभग 280 लोगों ने निशुल्क मेडिकल चेकअप करवाया। शिविर में ब्लड प्रेशर व ब्लड शूगर मरीजों तथा उपस्थित लोगों को तम्बाकू का सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही तम्बाकू से होने वाली बीमारी तथा अलग -अलग विशेषज्ञों ने अंगों पर होने इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम सिटी उत्तम सिंह शेखावत ने की।
चिकित्सा शिविर में चिकित्सक डॉ. डीआर पटेल, डॉ. केके शर्मा, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. चमन जैन, डॉ. मुकेश सैनी, डॉ. मुकेश गुप्ता ने लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी।
नशा नाश की जड़ है, इसे जड़ से उखाड़ फेंके
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी इश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से स्कीम नंबर 8 स्थित एक कोचिंग सेंटर में युवाओं के लिए जागृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ब्रह्माकुमारी अनुभा ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, इसके चंगुल में फंसकर युवा तेजी से जीवन को बर्बादी के रास्ते पर धकेल रहे हैं। स्वयं के भीतर नशा मुक्त होने की इच्छा व आत्मविश्वास जगाकर इस आदत से छुटकारा पाया जा सकता है। मैडिटेशन की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं को अनुशासन का महत्व बताते हुए लक्ष्य की तरफ एकाग्र रहने पर जोर दिया। युवाओं को तम्बाकू मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर बीके सीता, बीके राकेश उपस्थित रहे। राजेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इधर, विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को ब्रह्माकुमारीज की ओर से अलवर केंद्रीय कारागार में कैदियों को तम्बाकू के दुष्परिणाम बताकर इससे मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। जेल में बीके अनुभा, बीके सपना व बीके सुभाष ने जानकारी दी।
थाने में भी दिया नशा मुक्ति का संदेश
अरावली विहार थाने में पुलिसकर्मियों के समक्ष बीके अनुभा ने कहा कि स्वस्थ और व्यसनमुक्त जीवन बनाने में सकारात्मकता का बहुत बड़ा योगदान है। सकारात्मक चिंतन से मन की दुर्बलता दूर होती है, समस्याओं के प्रति दृष्टिकोण बदलता है, तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रतिवर्ष 72 हजार मौतें केवल तम्बाकू से होती हैं। इसकी रोकथाम के लिए जागरुकता फैलाना बहुत जरूरी है, नहीं तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जनप्रिय होम्योपैथिक उपचार केन्द्र गुरुनानक कालोनी पर 5 दिवसीय होम्योपैथिक चिकित्सा एंव स्वास्थ्य जागरुकता व डि-एडिक्सन कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। जिसमें सभी वर्गों के बालक बालिकाओं व स्त्री-पुरुषों को तम्बाकू, गुटका व बीडी पीने की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्यायों से अवगत करवाया जाएगा। तम्बाकू की आदत से छुटकारा पाने के लिए बचाव की निशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा परामर्श व दवा वितरित की जाएगी।
जागरूकता शिविर एवं रैली आयोजित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर की ओर से राजकीय एएनएम सेंटर अलवर में विधिक जागरुकता रैली एवं विधिक जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेणुका सिंह हुड्डा ने बताया कि नर्सिंग छात्र छात्राओं के माध्यम से रैली निकाली गई। रैली को अतिरिक्त जिला कलक्टर अलवर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर डॉ. ओपी मीणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में छात्र- छात्राएं हाथों में धूम्रपान को बढ़ावा रोगों को बुलावा स्लोगन की तख्तियां लिए नारे लगाते चल रही थी। मानव उत्थान एवं अलवर परिवार के संयुक्त तत्वाधान में धोबी गटटा, भैरू का चबूतरा पर शिक्षा से वंचित बालक बालिकाओं को संस्थान की अध्य्क्ष ऋचा शर्मा ने पढ़ाने की शुरुआत की। साथ ही सचिव वीरेंद्र क्रांतिकारी ने धूम्रपान नहीं करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम आयोजक सरिता भारत एवं प्रकाश बौद्ध ने भी विचार रखे।
Published on:
01 Jun 2019 03:00 pm
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