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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष कहा, राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आए मुस्लिम समाज

अल्पसंख्यक समाज को अयोध्या में खुशी-खुशी राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर देना चाहिए।

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 Syed Garul Hassan Rizvi

Syed Garul Hassan Rizvi

अंबेडकर नगर. राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद वैसे तो सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन स्वयं इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपस में सुलह सफाई से इस विवाद को हल करने की नसीहत दी है। इसी को लेकर तमाम मुस्लिम समुदाय के लोग भी अब इस बात के लिए राजी होते नजर आ रहे हैं कि जिस जगह पर राम लला विराजमान हैं, उस स्थान पर मंदिर बनाने की सहमति मुस्लिम समाज को दे देनी चाहिए। इसी कड़ी में अंबेडकर नगर आए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद गैरुल हसन रिजवी ने एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के कहाकि मुल्क को अगर खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर ले जाना है तो अल्पसंख्यक समाज को अयोध्या में खुशी-खुशी राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर देना चाहिए। रिजवी ने कहा कि जिस स्थान पर पूजा हो रही हो वहां नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसलिए अल्पसंख्यक आयोग भी दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत से अयोध्या विवाद के समाधान का प्रयास कर रहा है।

कई मुस्लिम धर्म गुरुओं और मुस्लिम समाज के लोगों ने मंदिर के पक्ष में दिया है बयान
काफी समय से राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के विवाद को लेकर पूरा देश दंश झेल रहा है, लेकिन समय के साथ-साथ अब माहौल में काफी बदलाव देखने को भी मिल रहा है। जहां पहले दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे के पक्ष में कुछ भी बोलने सुनने को तैयार नहीं नजर आते थे, वहीं इधर कुछ दिनों से काफी सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है। अब मुस्लिम समाज की तरफ से जहां कई मुस्लिम युवकों ने स्वयं कार सेवा करके मंदिर निर्माण की पहल की है, वहीं पिछले दिनों शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे सादिक ने भी मुस्लिम समाज समाज से अपील करते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने के लिए गतिरोध समाप्त करने की अपील की थी। इसी तरह से किछौछा के एक मौलाना सैयद इरफान ने भी पिछले दिनों एक बयान देकर यह अपील मुस्लिम समाज से की थी कि देश की एकता और अखंडता के लिए एवं हिन्दू-मुस्लिम भाई चारे के लिए मुस्लिम समुदाय को चाहिए कि जिस स्थान पर भगवान राम की पूजा की जा रही है, वहां मंदिर निर्माण करने दें। हालांकि उनके इस बयान का किछौछा शरीफ के अलावा कई और जगहों पर मुसलमानों ने विरोध किया था। लेकिन यह बात साफ होती दिखाई पड़ रही है कि मुस्लिम समाज की तरफ से अब काफी लोग इस बात के लिए राजी हो रहे हैं कि अयोध्या में मंदिर बनाकर सारे विवाद को समाप्त कर लिया जाए और देश को अब मुख्य विकास की धारा में आगे ले जाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।

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