
यहां भी लेखपालों पर गिरी गाज, संगठन के एक दर्जन लेखपाल किये गए निलंबित
अम्बेडकर नगर. उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तरफ से पूरे प्रदेश में कई दिनों से चल रहे हड़ताल के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में जनहित एवंम राज्य सरकार के सभी कार्य ठप्प पड़ गए थे। प्रदेश सरकार से कई चक्र वार्ता के बाद भी कोई हल न निकलने के कारण सरकार ने इस आंदोलन के खिलाफ के एस्मा भी लगा दिया है, इसके बावजूद भी कोई लेखपाल हड़ताल समाप्त करने को तैयार नहीं है।
जिले में भी लेखपालों के हड़ताल के मद्दे नजर उन्हें कई बार चेतावनी देकर हड़ताल समाप्त करने का निर्देश दिया गया, लेकिन लेखपाल हड़ताल से वापस नहीं हुए। जिसके बाद अब प्रशासन सख्ती अपनाते हुए जिला संगठन से लेकर तहसील संगठन के लेखपाल संघ के अध्यक्ष और महामंत्री को निलंबित कर दिया है।
लेखपालों के हड़ताल से किसान और छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित
पखवारे भर से अधिक समय से लेखपालों के हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित किसान और छात्र नजर आ रहे हैं। जहां किसान अपनी भूमियों की वरासत, नामांतरण आदेश और अन्य योजनाओं के लाभ के लिए तहसील के चक्कर काटते काटते थक चुके हैं, वहीं छात्र छात्राओं के एडमिशन, वजीफे आदि में आवश्यक जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों पर अपनी रिपोर्ट लगवाने के लिए परेशान होकर टहल रहे हैं। इसके अलावा भी अन्य कार्यों के लिए लोग भटक रहे हैं।
एसडीएम टांडा ने सबसे पहले लिया संज्ञान
टांडा तहसील में आने वाले फरियादियों, किसानों और छात्र छात्राओं की समस्या को देखते हुए एस डी एम टांडा कोमल यादव ने तहसील के लेखपालों को कई बार समझाने का प्रयास करते हुए उन्हें आवश्यक कार्य करते रहने का निर्देश दिया, लेकिन उनकी बात लेखपालों ने नही सुनी। जिसको देखते हुए एस डी एम टांडा ने तहसील टांडा लेखपाल संघ के अध्यक्ष जयदेव पांडेय और महामंत्री सुभाष चंद्र को निलंबित करते हुए अन्य लेखपालों को चेतावनी दी है कि यदि काम पर वापस नही लौटे तो इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम टांडा ने बताया कि इन पदाधिकारियों ने नाव नियुक्त लेखपालों को भी बरगला कर धरने में शामिल करा दिया है।
Updated on:
16 Jul 2018 05:58 pm
Published on:
16 Jul 2018 04:16 pm
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