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प्राइमरी स्कूल में टीचरों की लापरवाही, स्कूल में बच्चे को बंद कर शिक्षक चले गए घर

प्राइमरी स्कूल में टीचरों की लापरवाही, स्कूल में बच्चे को बंद कर शिक्षक चले गए घर

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ambedkar nagar

प्राइमरी स्कूल में टीचरों की लापरवाही, स्कूल में बच्चे को बंद कर शिक्षक चले गए घर

अम्बेडकर नगर. जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के एक विद्यालय में बड़ी लापरवाही सामने आई है। विद्यालय में दोपहर को छुट्टी होने के बाद बिना कमरों को चेक किये ही ताला लगाकर बंद करके वहां के सारे अध्यापक चले गए, लेकिन इन्ही कमरों में से कक्षा 4 के कमरे में एक 8 साल का छात्र बंद हो गया, जो कई घंटे कमरे में अकेला बंद रहा।


मामला शिक्षा क्षेत्र टांडा के अवसानपुर प्राथमिक विद्यालय का है। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक लाल बहादुर वर्मा के अलावा चार अध्यापिकाएं भी तैनात हैं। बताया जाता है कि कक्षा 4 की इंचार्ज अध्यापिका मिथिलेश यादव दोपहर 12 बजे ही स्कूल की छुट्टी करके कमरे में ताला लगाकर चली गईं। इसी कमरे में सो रहा आठ साल का मासूम दीपचंद पुत्र रामरूप बंद हो गया और लगभग दो घंटे तक बंद रहा। जब उसकी आंख खुली और वह कमरे के अंदर से रोना शुरू किया तो उसके रोने की आवाज कुछ लोग सुनकर वहां पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी।


पुलिस मौके पर पहुंच ताला तोड़कर बच्चे को निकाला


जानकारी होने पर इब्राहिमपुर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह अपने हमराही राघवेंद्र और हरिकेश के साथ तुरंत प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर कमरे का ताला तोड़कर बच्चे को बाहर निकाला। पुलिस की तरफ से प्रधानाध्यापक को फोन पर बुलवाया गया और इस संबंध में जब पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि जिस क्लास में बच्चा बंद था, उसकी इंचार्ज मिथिलेश यादव हैं, जिनके द्वारा यह लापरवाही की गई है। बच्चे के बंद होने की जानकारी होने पर ए बी आर सी संतोष कुमार भी मौके पर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम से बी एस ए अतुल कुमार को भी अवगत कराया। फिलहाल लोगों को जानकारी होने से इस मासूम के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने से बच गया।


मां ने कहा नहीं चाहिए किसी के खिलाफ कार्रवाई


इस मासूम बच्चे के घर न पहुंचने पर काफी देर बाद घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की इसी बीच स्कूल में बच्चे के होने की जानकारी मिलने पर उसकी मां वहां पहुंच गई और बच्चे को अपने साथ घर ले गई। जब अधिकारियों ने इस मां से पूछा कि क्या दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई चाहती हो तो इस मां ने कहाकि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं चाहिए, लेकिन कमर बंद करते समय इतना जरूर देखना चाहिए कि कोई बच्चा अंदर न छूटा हो।