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मंहगे कपडे, महंगी घड़ी और लक्ज़री कार, इस झोलाछाप डॉक्टर ने छीन ली गरीब की आँखों की रौशनी

एक गरीब और लाचार आदमी की आँखों की रौशनी ही चाली गई।

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अम्बेडकर नगर। प्रदेश सरकार के तमाम निर्देशों के बाद भी अवैध ढंग से गली गली गाँव गाँव लोगों का इलाज करने वाले झोला छाप डाक्टरों पर कोई लगाम लगती नहीं दिखाई पड़ रही है। इन झोला छाप डाक्टरों में कुछ तो ऐसे हैं, जो देखने से ही झोला छाप दिखते हैं, लेकिन कुछ डाक्टर ऐसे हैं, जिनको देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह डाक्टर डिग्री वाला है या बिना डिग्री का। ऐसा ही एक डाक्टर जिले के इल्तेफात गंज कस्बे में है। जिसने करोड़ों रूपये की लागत से एक नर्सिंग होम तक खड़ा कर लिया है और यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों से रोज लाखों रूपये का न सिर्फ चूना लगा रहा हैं बल्कि कई बार मरीजों की जान भी जोखिम में डाल देता हैं। ऐसा ही एक मामला इस फर्जी डाक्टर के नर्सिंग होम का सामने आया है। इसमें एक गरीब और लाचार आदमी की आँखों की रौशनी ही चाली गई।


डॉ बेलाल अहमद के नाम से आसपास के क्षेत्र में मशहूर इस झोलाछाप डाक्टर का नर्सिंग होम काफी ख्याति प्राप्त भी है, लेकिन उसके करतूतों की पोल उस समय खुल गयी जब एक हयात अहमद नाम का मरीज डॉ के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत उच्च स्तरीय अधिकारियों से की। हयात अहमद ने बताया कि डॉ बेलाल ने हमारा गलत तरीके से इलाज किया जिससे हमारी दोनों आंख की रोशनी चली गयी। इतना ही नही गलत दवा खिलाने से वह पैरालाइसिस का शिकार भी हो गया। हयात अहमद के मुताबिक लगातार मना करने के वावजूद टीबी की दवा खिलाते रहे, जबकि जांच रिपोर्ट में टीबी जैसी घातक बीमारी थी ही नही।

एक ऐसा झोलाछाप डाक्टर जो बड़े-बड़े एम बी बी एस को दे रहा है

शरीर पर मंहगे कपडे, महंगी घड़ी चलने के लिए लक्जरी कार और आलिशान मकान के साथ आलिशान नर्सिंग होम यह जिले के इल्तेफात गंज कस्बे में कई सालों से लोगों का इलाज करने के नाम पर प्रतिदिन लाखों रूपये लूटने वाले झोलाछाप डाक्टर का परिचय। धरती के भगवान् कहे जाने वाले डॉक्टरों के कारनामे अक्सर ही सामने आ जाया करते है, लेकिन इस बार एक ऐसे झोलाछाप डॉक्टर का कारनामा सामने आया है, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। पहले तो आप यह जानिए और खुद अंदाजा लगाइये कि जिस डॉक्टर के पास कोई भी डिग्री न हो वह झोलाछाप डॉक्टर हो शान और शौकत सब रईसों वाले रखता हो तो इसे आप क्या कहेंगे। जाहिर सी बात है कहीं न कही कुछ गड़बड़ झाला तो है ही।

दबंगई के बलबूते चल रहा है यह नर्सिंग होम

इल्तिफातगंज बाजार जहाँ पर जिले के मशहूर झोलाछाप डॉ बेलाल अहमद कई सालों से अपने निजी हॉस्पिटल हाजी मेमोरियल सेवा संस्थान का संचालन करता है और इनके इस हॉस्पिटल में रोजाना इलाज के लिए लोगों की लम्बी लाइनें भी लगती है। लेकिन डॉ बेलाल अहमद के पास न तो कोई डॉक्टर की डिग्री है और न ही इनके हॉस्पिटल का कोई रजिस्ट्रेशन। अगर कुछ है तो वह है डॉ बेलाल की दबंगई। जिसके बलबूते स्वास्थ्य महकमे को धता बतात्ते हुए 24 घंटे ओपीडी ऑपरेशन और डिलेवरी तक के सारे काम डॉ बेलाल धड़ल्ले से करते है। इतना ही नहीं डॉ बेलाल अपनी सुरक्षा में प्राइवेट गनर भी रखते है। डॉ साहब का रसूख तो देखिये डॉ साहब अपने आपको किसी एमबीबीएस से कम नहीं मानते और दवा भी अपने पैड पर ही लिखते है।

आप खुद ही सुन लीजिए खुद डॉ साहब की जुबानी, तो फिर सवाल उठना लाजमी है कि आखिर कबतक डॉ बेलाल अहमद जैसे झोलाछाप लोग लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहेंगे और स्वास्थ्य महकमे में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही के नाम पर झूठा ढिंढोरा पीटते रहेंगे।

राजनीतिक संरक्षण के कारण घुटने टेक चुका है स्वास्थ विभाग

मजबूर और गरीब हयात मोहम्मद की आँखों की रोशनी जाने के बाद डॉ बेलाल अहमद की शिकायत हुई तो सिस्टम भी डॉ बेलाल अहमद के रसूख के आगे घुटने टेक दिया।कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके रिपोर्ट आगे भेज दी गयी और रिपोर्ट में दिखा दिया गया कि हॉस्पिटल पूरी तरह से बंद है, जबकि ठीक उसी हॉस्पिटल के सामने डॉ बेलाल अहमद का हॉस्पिटल धड़ल्ले से चल रहा है। ऑपरेशन से लेकर ओपीडी और डिलेवरी सब कुछ हो रहा है, लेकिन जांच अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे तमाशा देख रहे है और तमाशा देखे भी क्यों न क्योंकि इन्ही अधिकारियों का हाथ होता है डॉ बेलाल जैसे झोलाछापों के ऊपर, ताकि ये दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहे और उसके बदले मोटा माल कमाते रहे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर इस डाक्टर को कई बड़े राजनीति से जुडी बड़ी हस्तियों का भी संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में इस डाक्टर पर हाथ डाल पाना आसान नहीं है।

प्रशासन से शिकायत पर भी नहीं हुई कार्यवाही

अपनी आँखों की रौशनी गँवा चूका लाचार हयात मोहम्मद ने इस पूरे प्रकरण में शिकायत डीएम से की तो बिना किसी डिग्री और मान्यता के चल रहे नर्सिंग होम और डाक्टर पर कार्यवाही कराने का निर्देश देने के बजाय उन्होंने इस मांमले से पल्ला झाड़ते हुए सारा ठीकरा मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर डाल दिया। जिले का यह कोई अकेला मामला नहीं है। अक्सर जिले में कई झोलाछाप डाक्टरों द्वारा मरीजों की जन के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आता रहता है, लेकिन कुछ दिन कार्यवाही के नाम पर स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार इधर उधर करते रहते हैं और बाद में इन फर्जी डाक्टरों के ऊंचे रसूख के चलते सब कुछ ठीक हो जाता है।