
रक्षाबंधन 2018 : राखी का त्यौहार मनाने से पहले ध्यान रखें ये जरूरी बात
लखनऊ. इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार 26 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षाबंधन भाई-बहन के असीम प्यार का प्रतीक है। भाई-बहन साल भर इस त्यौहार का इंतजार करते हैं। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। लेकिन सबसे जरूरी बात जो ध्यान देने वाली है वह है पूजा की थाली। किसी भी शुभ कार्य के लिए पूजा की थाली बिल्कुल सही ढंग से लगी होनी चाहिए। वैसे तो बाजार में रक्षाबंधन की थाली मिल जाती है, जिसमें राखी के अलावा तिलक के लिए अक्षत और चावल, सिर पर रखने के लिए कपड़ा, छोटा-सा दीपक, कपूर और मुंह मीठा करने के लिए इलायची और मिसरी के पैकेट होते हैं।
पूजा थाली में इसका जरूर करें प्रयोग
रक्षाबंधन में पूजा की थाली का विशेष महत्व बताते हुए पंडित अमित पांडे कहते हैं कि पूजा की थाली में सबसे ज्यादा महत्व तिलक का होता है। राखी के त्योहार पर बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं। शास्त्रों में श्वेत चंदन, लाल चंदन, कुमकुम, भस्म आदि से तिलक लगाना शुभ माना गया है। तिलक के साथ चावल का प्रयोग किया जाता है, जिसका एक वैज्ञानिक कारण है। दरअसल दोनों भौहों के बीच का भाग अग्नि चक्र कहलाता है और वहां तिलक लगाने से पूरे शरीर में शक्ति का संचार होता है और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके अलावा चावल को हवन में देवताओं को चढ़ाया जाने वाला शुद्ध अन्न माना जाता है।
रक्षाबंधन 2018 का ये है शुभ मुहूर्त
अमित पांडे बताते है कि इस बार रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर राखी बांधने का सबसे शुभ समय प्रातः 05.59 से सायंकाल 17.25 तक है। वे कहते हैं कि बहन को राखी भाई के दाहिनी कलाई पर बांधनी चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया तक भाई और बहन दोनों को उपवास रखना चाहिए। बहुत से लोग कहते हैं कि केवल बहनें ही व्रत रहें ऐसा नहीं है भाई भी व्रत रहेगा।
Published on:
24 Aug 2018 03:59 pm
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